केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा किए गए हालिया मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) देश की अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर लेकर आए हैं. उनके मुताबिक, इन समझौतों के जरिए भारत को करीब 60 ट्रिलियन डॉलर मूल्य वाले वैश्विक बाजारों तक पहुंच मिल रही है, जिससे भारतीय उद्योगों, निर्यातकों और निवेशकों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है.
बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक वीडियो में पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ व्यापार बढ़ाना नहीं है, बल्कि भारत को दुनिया का मजबूत विनिर्माण केंद्र बनाना भी है. उनका कहना था कि इन समझौतों से भारतीय उत्पादों की पहुंच नए देशों तक आसान होगी, घरेलू उद्योगों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे.
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में भारत के कुल निर्यात में लगभग 73 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. इस दौरान कई प्रमुख क्षेत्रों को एफटीए का सीधा लाभ मिला है. खासतौर पर टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग उत्पाद, रत्न एवं आभूषण और फार्मास्यूटिकल्स जैसे उद्योगों को कई देशों में कम या शून्य आयात शुल्क का फायदा मिल रहा है. इससे भारतीय कंपनियों के लिए विदेशी बाजारों में प्रतिस्पर्धा करना पहले की तुलना में अधिक आसान हुआ है.
सरकार का कहना है कि व्यापार समझौतों को तैयार करते समय केवल निर्यात बढ़ाने पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि देश के संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की भी रक्षा की गई है. डेयरी और कृषि जैसे क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए ऐसे प्रावधान किए गए हैं ताकि घरेलू किसानों और उत्पादकों के हित प्रभावित न हों.
पीयूष गोयल ने कहा कि एफटीए केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं. इनके जरिए भारत में अरबों डॉलर का विदेशी निवेश आने की संभावना बढ़ रही है. इससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को गति मिलेगी, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे. साथ ही भारतीय कंपनियों को वैश्विक वैल्यू चेन का हिस्सा बनने का बेहतर मौका मिलेगा.
उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ लगातार नए व्यापार समझौते आगे बढ़ा रहा है, ताकि देश के निर्यातकों को नए बाजार मिलें और भारतीय उद्योग वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी मजबूत पहचान बना सकें.
इससे पहले सरकार ने संसद में जानकारी दी थी कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने अब तक का सबसे अधिक 863.1 अरब डॉलर का कुल निर्यात दर्ज किया है. इसमें 441.8 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात और 421.3 अरब डॉलर का सेवा निर्यात शामिल है. लोकसभा में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि वस्तुओं और सेवाओं, दोनों क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन ने देश के कुल निर्यात को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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