India On WHO AQI Standards: दिन प्रति दिन दिल्ली NCR की वायु गुणवत्ता यानी AQI की हालत बिगड़ती जा रही है. सरकार इसके लिए कई प्रयास कर रही है. हालांकि, इनकी सफलता जमीन पर नजर नहीं आ रही है. इस बीच इंटरनेशनल संस्था WHO ने इसे लेकर अपनी ओर से एक गाइडलाइन (Delhi NCR AQI) जारी की है. इसपर भारत सरकार ने प्रतिक्रिया दी है. आइये जानें सरकार ने सदन में क्या कहा है?
भारत सरकार ने संसद को बताया है कि देश अपने स्वयं के वायु गुणवत्ता मानक निर्धारित करता है और विभिन्न संगठनों द्वारा जारी वैश्विक वायु गुणवत्ता रैंकिंग को कोई आधिकारिक मान्यता नहीं है. पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में कहा कि-
भारत ने 12 प्रमुख प्रदूषकों के लिए राष्ट्रीय परिवेश वायु गुणवत्ता मानक (NAAQS) अधिसूचित किए हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरणीय गुणवत्ता की रक्षा के लिए हैं। इन मानकों में PM2.5, PM10, SO2, NO2, CO, O3, NH3, लेड, बेंजीन, बेंजो-पीए, आर्सेनिक और निकल शामिल हैं.
भारत की वायु गुणवत्ता रैंकिंग के बारे में पूछे जाने पर, मंत्री ने कहा कि कोई भी वैश्विक प्राधिकरण आधिकारिक रैंकिंग नहीं करता है, लेकिन सरकार अपने वार्षिक स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के माध्यम से देश के भीतर वायु गुणवत्ता का मूल्यांकन करती है, जो राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत 130 शहरों को रैंक करती है.
राजधानी में ठंड ने दस्तक दे दी है. न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार 12, 13 और 14 दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर में शैलो से मॉडरेट फॉग की स्थिति बनी रहेगी. 12 दिसंबर को तापमान अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. ऐसे ही अगले तीन दिनों तक तापमान के बने रहने की संभावना जताई गई है. लगातार बढ़ती नमी और ठंडी हवाओं के कारण हवा की गति धीमी पड़ गई है, जिससे प्रदूषक जमीन के पास ही ठहर रहे हैं.
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दिल्ली में वायु गुणवत्ता तेजी से बिगड़ी है. कई स्टेशन बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच गए हैं. प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार में 391, अशोक विहार में 379, बवाना में 368, बुराड़ी में 354, चांदनी चौक में 366, मथुरा रोड में 309, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 321, डीटीयू में 366, नरेला में 364, नेहरू नगर में 362, द्वारका में 394 और पंजाबी बाग में 364 एक्यूआई दर्ज किया गया है. कई क्षेत्रों में एक्यूआई 350 से ऊपर और कुछ में 390 के करीब पहुंच चुका है, जो बहुत ही खतरनाक स्थिति है.
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