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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, मणिकर्णिका घाट पर रो पड़े दोनों बेटे

Jaspal Rana Death: देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनके दोनों बेटे पंकज सिंह और नीरज सिंह वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान रो पड़े.

दरअसल राजनाथ सिंह के बड़े बेटे पंकज सिंह के साले और इंटरनेशनल शूटर जसपाल राणा का निधन हो गया. जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर का शनिवार को काशी में अंतिम संस्कार किया गया. राणा के बेटे युवराज राणा (21) ने अपने पिता को अंतिम विदाई दी. इस दौरान राजनाध सिंह के दोनों बेटे पंकज सिंह और नीरज सिंह भी वहां मौजूद रहे. दोनों ने साले जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को कंधा देकर मणिकर्णिका घाट पर पहुंचाये.

पद्मश्री जसपाल राणा उत्तराखंड के रहने वाले थे, लेकिन उनकी इच्छा थी कि उनके मरने पर अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर ही हो. जिसके बाद उनके निधन पर उनके परिवार ने अंतिम संस्कार वाराणसी में कराया.

11 दिनों से दिल्ली में थे भर्ती

जसपाल राणा 49 साल के थे. उनका शुक्रवार को निधन हो गया था. जर्मनी से लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. जिसके बाद उनको दिल्ले के मैक्स साकेत अस्पताल में इलाज चल रहा था. वो पिछले 11 दिनों से भर्ती थे. उनका शुक्रवार को निधन हो गया था.

अपने गुरु के निधन की सूचना मिलते ही ओलंपिक में मेडल जीतने वाली मनु भाकर अंतिम विदाई देने के लिए देहरादून पहुंच गई थीं. अपने कोच के पार्थिव शरीर को देख भाकर खुद को रोक ही नहीं पाईं और वहीं बिलख-बिलख के रोने लगीं. मनु भाकर को रोता देख जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा ने उन्हें चुप कराने की कोशिश की.

मनु भाकर के आगे बढ़ने में जसपाल राणा की रही भूमिका

बता दें कि, हरियाणा की रहने वाली मनु भाकर के ओलंपियन बनने में जसपाल राणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही. जूनियर लेवल से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर छाने तक उन्होंने मनु भाकर को अपना मार्गदर्शन दिया.

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जसपाल राणा की गिनती देश के सबसे सफल निशानेबाजों में होती है. उन्होंने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 600 से ज्यादा पदक अपने नाम किये. साल 1994 में आयोजित मिलान जूनियर वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में जसपाल राणा ने गोल्ड मेडल जीता था. जिसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक कारनामे किये.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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