Jaspal Rana Death
Jaspal Rana Death: देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनके दोनों बेटे पंकज सिंह और नीरज सिंह वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान रो पड़े.
दरअसल राजनाथ सिंह के बड़े बेटे पंकज सिंह के साले और इंटरनेशनल शूटर जसपाल राणा का निधन हो गया. जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर का शनिवार को काशी में अंतिम संस्कार किया गया. राणा के बेटे युवराज राणा (21) ने अपने पिता को अंतिम विदाई दी. इस दौरान राजनाध सिंह के दोनों बेटे पंकज सिंह और नीरज सिंह भी वहां मौजूद रहे. दोनों ने साले जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को कंधा देकर मणिकर्णिका घाट पर पहुंचाये.
पद्मश्री जसपाल राणा उत्तराखंड के रहने वाले थे, लेकिन उनकी इच्छा थी कि उनके मरने पर अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर ही हो. जिसके बाद उनके निधन पर उनके परिवार ने अंतिम संस्कार वाराणसी में कराया.
Varanasi, Uttar Pradesh: The mortal remains of late international shooter Jaspal Rana arrived in Varanasi, where thousands gathered near the airport to pay their respects. Family members, well-wishers, and sports enthusiasts offered floral tributes. The final procession departed… pic.twitter.com/BiIvc2SHeS
— IANS (@ians_india) June 13, 2026
11 दिनों से दिल्ली में थे भर्ती
जसपाल राणा 49 साल के थे. उनका शुक्रवार को निधन हो गया था. जर्मनी से लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. जिसके बाद उनको दिल्ले के मैक्स साकेत अस्पताल में इलाज चल रहा था. वो पिछले 11 दिनों से भर्ती थे. उनका शुक्रवार को निधन हो गया था.
अपने गुरु के निधन की सूचना मिलते ही ओलंपिक में मेडल जीतने वाली मनु भाकर अंतिम विदाई देने के लिए देहरादून पहुंच गई थीं. अपने कोच के पार्थिव शरीर को देख भाकर खुद को रोक ही नहीं पाईं और वहीं बिलख-बिलख के रोने लगीं. मनु भाकर को रोता देख जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा ने उन्हें चुप कराने की कोशिश की.
मनु भाकर के आगे बढ़ने में जसपाल राणा की रही भूमिका
बता दें कि, हरियाणा की रहने वाली मनु भाकर के ओलंपियन बनने में जसपाल राणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही. जूनियर लेवल से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर छाने तक उन्होंने मनु भाकर को अपना मार्गदर्शन दिया.
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जसपाल राणा की गिनती देश के सबसे सफल निशानेबाजों में होती है. उन्होंने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 600 से ज्यादा पदक अपने नाम किये. साल 1994 में आयोजित मिलान जूनियर वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में जसपाल राणा ने गोल्ड मेडल जीता था. जिसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक कारनामे किये.
-भारत एक्सप्रेस
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