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अयोध्या राम मंदिर दान विवाद में बड़ा मोड़, ट्रस्ट प्रभारी प्रकाश गुप्ता बोले- काउंटर पर नहीं, नोटों की गिनती के दौरान हुई गड़बड़ी

Ayodhya Ram Mandir Controversy: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दान पात्र में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. इस पूरे विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कैंप कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने प्रतिक्रिया देते हुए कई महत्वपूर्ण बातें सामने रखीं. वहीं, आरोपी बताए जा रहे लवकुश तिवारी की दादी ने भी अपनी बात रखी है.

प्रकाश गुप्ता ने कहा कि मंदिर के दान काउंटर पर किसी भी श्रद्धालु से बिना रसीद के पैसा नहीं लिया जाता. जो भी राशि दान काउंटर पर जमा होती है, उसकी विधिवत रसीद दी जाती है. इसलिए दान काउंटर पर किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं है.

ऐसे गायब हुए पैसे

उन्होंने बताया कि विवाद दान पात्र में जमा होने वाले पैसों की गिनती से जुड़ा है. पहले मंदिर परिसर के भीतर ही दान पात्र में आए पैसों की गिनती की जाती थी. इसके लिए रिटायर्ड बैंक कर्मचारियों को बुलाया जाता था और ट्रस्ट की ओर से केवल एक व्यक्ति निगरानी के लिए मौजूद रहता था.

प्रकाश गुप्ता के अनुसार, गिनती का पूरा काम रिटायर्ड बैंक कर्मचारियों के जिम्मे होता था और ट्रस्ट को इस बात का अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी अनियमितता हो सकती है. उन्होंने कहा कि आरोप है कि नोटों की गड्डियां तय संख्या से अधिक बनाकर गड़बड़ी की गई, लेकिन किसी को विश्वास नहीं था कि ऐसा भी हो सकता है.

दान पात्र से निकाले गए पैसों में हुई अनियमितता

प्रकाश गुप्ता ने कहा कि जो भी अनियमितता हुई है, वह दान काउंटर पर नहीं बल्कि दान पात्र से निकाले गए पैसों की गिनती के दौरान हुई है. उन्होंने बताया कि गिनती के लिए आने वाले लोग बैंक के स्थायी कर्मचारी नहीं थे, बल्कि बैंक द्वारा इस काम के लिए बुलाए जाते थे.

महिपाल सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि महिपाल सिंह विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी और सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी रहे हैं. उन्हें नोटों की गिनती की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी. यदि उन्होंने किसी गड़बड़ी की शिकायत की थी, तो उस पर समय रहते गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए था.

सीएम योगी का दिया धन्यवाद

एसआईटी जांच के मुद्दे पर प्रकाश गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि ट्रस्ट का कोई व्यक्ति इस मामले में शामिल नहीं है, लेकिन बदनामी ट्रस्ट की हो रही है. ऐसे में एसआईटी जांच का स्वागत किया जाना चाहिए ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आए और जनता के बीच गया गलत संदेश दूर हो सके.

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वहीं, आरोपी लवकुश तिवारी की दादी ने दावा किया कि कुछ लोग सादे कपड़ों में उनके घर पहुंचे थे. उन्होंने घर में रखे बक्से के साथ तोड़फोड़ की और लवकुश तिवारी को अपने साथ ले गए. उन्होंने कहा कि उस घटना के बाद से लवकुश वापस घर नहीं लौटा है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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