सिद्धारमैया ने तोड़ी चुप्पी
Karnataka Politics: एक तरफ संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है. दूसरी ओर कर्नाटक में सियासी कोहराम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस अपने दो बड़े नेताओं के बीच फंसी हुई है और कोई फैसला नहीं ले पा रही है. इस बीच सीएम सिद्धारमैया (S Siddaramaiah) और डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) एक दूसरे को ब्रेकफास्ट पर बुलाकर अपनी ओर से हल निकालने में लगे है. 2 दिन पहले डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री के घर पहुंचे थे अब मुख्यमंत्री खुद नाश्ते के लिए डीके शिवकुमार के घर पहुंच गए हैं. सबसे बड़ी बात की इस मीटिंग के बाद उन्होंने कई हिंट दिए हैं.
मुख्यमंत्री एस सिद्धारमैया को ब्रेकफास्ट कराने के बाद डीके शिवकुमार ने ट्वीट कर इस संबंध में जानकारी दी है. उन्होंने लिखा ‘आज अपने घर पर मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा है. हम कर्नाटक के विकास और अपने लोगों की तरक्की के लिए पक्के इरादे वाले हैं. आज मैंने अपने घर उन्हें नाश्ते पर बुलाया, क्योंकि हम कांग्रेस के विजन के तहत अच्छे शासन और अपने राज्य के लगातार विकास के लिए अपने वादे को दोहराते हैं.
ब्रेकफास्ट के बाद मीडिया से बात करते हुए CM सिद्धारमैया ने कहा कि आज, डीके शिवकुमार ने मुझे नाश्ते पर बुलाया. आज, हम दोनों ने साथ नाश्ता किया. इस दौरान डीके सुरेश भी मौजूद थे. नाश्ते के बाद, हमने असेंबली सेशन पर चर्चा की. यह तय हुआ कि हमें 8 दिसंबर को सांसदों की मीटिंग बुलानी चाहिए. हम किसानों के मुद्दों और राज्य के दूसरे मुद्दों पर चर्चा करेंगे.
इसके बाद सिद्धारमैया ने कहा कि हम दोनों हाईकमान, खासकर राहुल, सोनिया, प्रियंका और मल्लिकार्जुन खड़गे के बताए गए कारण को मानेंगे. अगर वे (पार्टी हाईकमान) हमें (दिल्ली) बुलाते हैं, तो हम ज़रूर जाएंगे. उन्होंने बताया कि कल मैं केसी वेणुगोपाल से एक फंक्शन में मिल रहा हूं जहां हम दोनों को बुलाया गया है.
ब्रेकफास्ट के बाद जब दोनों नेता मीडिया से बात करने के लिए पहुंचे इस दौरान कई विषयों पर चर्चा की गई. मीडिया ने उनसे बहुत से सवाल किए जिसका दोनों ने खासतौर से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जवाब दिया. हालांकि, जब उनसे सीधा सवाल किया गया कि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री कब बनेंगे? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि जब आलाकमान चाहेगा तब.., मतलब साफ है कि पूरा मामला दिल्ली में अटका हुआ है. इसे डीके शिवकुमार के नाम पर पहली मुहर की तरह भी देखा जा रहा है. कहा जा रहा है कि सिद्धारमैया ने दिल्ली के पास अपने हथियार डाल दिए हैं.
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कर्नाटक कांग्रेस में चल रहा सत्ता संघर्ष (Karnataka Political Crises) अब दिल्ली तक पहुंच गया है. डीके शिवकुमार के समर्थक चाहते हैं कि उन्हें शेष 2.5 वर्षों के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाए, जबकि सिद्धारमैया का दावा है कि कोई ‘पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट’ नहीं था। इस बीच, जी. परमेश्वर खुद को तीसरा संभावित विकल्प बताते रहे हैं. कांग्रेस हाईकमान दोनों बड़े नेताओं को साथ लाकर माहौल शांत करना चाह रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पिछले हफ्ते कहा था कि वह दिल्ली पहुंचकर नेतृत्व संकट पर मीटिंग बुलाएंगे और इस अनावश्यक भ्रम को खत्म करेंगे.
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