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कर्नाटक में ये क्या हुआ? 1 साल बाद री-काउंटिंग में बीजेपी ने मारी बाजी, छिन गई कांग्रेस नेता की विधायकी

कर्नाटक की श्रृंगेरी विधानसभा सीट पर 2023 के चुनाव परिणामों को लेकर चल रहा विवाद अब अपने सबसे नाटकीय मोड़ पर पहुँच गया है. हाईकोर्ट के आदेश पर जब पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती (Karnataka Shringeri Recount)  हुई, तो चुनावी नतीजों का पूरा गणित ही उल्टा पड़ गया.

बता दें कि जिन 201 वोटों के अंतर से कांग्रेस के टी.डी. राजेगौड़ा विधायक बने थे, अब री-काउंटिंग के बाद बीजेपी के डी.एन. जीवराज ने 52 वोटों की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है. हालांकि, आधिकारिक घोषणा का मामला अभी कोर्ट और चुनाव आयोग के पाले में है, लेकिन बीजेपी खेमे में जश्न शुरू हो चुका है.

255 वोट ‘अवैध’ और बदल गई किस्मत(Karnataka Shringeri Recount)

2023 के नतीजों में राजेगौड़ा ने मामूली अंतर से जीत दर्ज की थी. तब बीजेपी उम्मीदवार जीवराज ने गिनती में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. अब दोबारा हुई गिनती में कांग्रेस विधायक के 255 वोट अवैध पाए गए. राजेगौड़ा का पोस्टल बैलेट का आंकड़ा 569 से गिरकर सीधे 314 पर आ गया, जिससे उनकी जीत हार में बदलती नजर आ रही है.

‘सीलबंद लिफाफे’ में कैद है श्रृंगेरी का भविष्य

री-काउंटिंग के बाद रिटर्निंग ऑफिसर गौरव शेट्टी ने नई लिस्ट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट और चुनाव आयोग को भेज दी है. तकनीकी रूप से टी.डी. राजेगौड़ा अभी भी विधायक पद पर बने हुए हैं, लेकिन अगर हाईकोर्ट इस री-काउंटिंग को अंतिम मुहर लगा देता है, तो राजेगौड़ा को कुर्सी छोड़नी पड़ेगी और जीवराज की विधानसभा में एंट्री तय हो जाएगी.

‘बैलट टेंपरिंग’ का आरोप: कांग्रेस पहुंची पुलिस के पास

इस बड़े फेरबदल के बाद कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. विधायक राजेगौड़ा का गंभीर आरोप है कि साल भर पहले जो वोट वैध थे, उनमें अब ‘अतिरिक्त निशान’ कैसे आ गए? कांग्रेस ने इसे ‘बैलट टेंपरिंग’ (वोटों के साथ छेड़छाड़) करार देते हुए पूर्व चुनाव अधिकारियों और बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. कांग्रेस का कहना है कि यह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है.

ये भी पढ़ें- सिंगरौली और सिवनी SP की छुट्टी, 19 जिलों को मिले नए पुलिस कप्तान; एमपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

बीजेपी गदगद: ‘यह सत्य की जीत है’

दूसरी ओर, बीजेपी इस नतीजे (Karnataka Shringeri Recount) को अपनी नैतिक और कानूनी जीत मान रही है. प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने इसे न्यायपालिका की जीत बताया है. बीजेपी समर्थकों का कहना है कि 2023 में धांधली कर उनकी जीत छीनी गई थी, जिसे अब कोर्ट ने वापस लौटा दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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