Kaward Yatra Controversy:नीरज त्यागी/मुजफ्फरनगर: कावड़ यात्रा 2026 के दौरान मुजफ्फरनगर से एक नया विवाद सामने आया है. मुस्लिम समाज के कुछ लोगों द्वारा अपनी पारंपरिक पोशाक (टोपी और बुर्का) में कावड़ लाने पर साधु-संतों ने कड़ा ऐतराज जताया है.
मुजफ्फरनगर के योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर जी महाराज ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि यदि मुस्लिम समाज के लोगों की कावड़ यात्रा में आस्था है, तो वे मजहबी पोशाक छोड़कर भगवा वस्त्र धारण करें या फिर सनातन धर्म में घर वापसी करें. बुर्का और टोपी में कावड़ लाना केवल पब्लिसिटी पाने का एक ढोंग है, जिसका हिंदू समाज को पुरजोर विरोध करना चाहिए.
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर जी महाराज अपने बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार कावड़ यात्रा 2026 के दौरान उन्होंने बुर्का और टोपी पहनकर कावड़ लाने वाले मुस्लिम महिला और पुरुषों पर कड़ा हमला बोला है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में स्वामी यशवीर महाराज ने साफ कहा कि कावड़ सनातन धर्म की आस्था और परंपरा का पावन प्रतीक है, इसे मजहबी पोशाक में लाकर इसका मजाक न बनाया जाए.
स्वामी यशवीर महाराज ने स्पष्ट किया कि यदि कोई मुस्लिम महिला या पुरुष वास्तव में श्रद्धाभाव के साथ सनातनी पोशाक (भगवा वस्त्र) पहनकर कावड़ लाता है, तो वे उसका स्वागत और धन्यवाद करते हैं. हालांकि, टोपी और बुर्का पहनकर कावड़ उठाने को उन्होंने केवल मीडिया में छाने का एक ‘ढोंग’ करार दिया. उन्होंने हिंदू समाज का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे किसी भी प्रयास का तुरंत विरोध किया जाए और इसे बर्दाश्त न किया जाए.
अपने बयान में महाराज ने आगे कहा कि अगर किसी मुस्लिम व्यक्ति की सचमुच कावड़ और सनातन धर्म में निष्ठा है, तो वे उन्हें सनातन धर्म में ‘घर वापसी’ करने का निमंत्रण देते हैं. यदि वे घर वापसी नहीं करते, तब भी कावड़ लाने के लिए उन्हें अपने मजहबी वस्त्र त्यागकर सनातन धर्म के प्रतीक भगवा वस्त्र ही पहनने होंगे. सनातन धर्म की वर्दी धारण करने पर ही हिंदू समाज उन्हें कावड़ लाने का अधिकार देगा, अन्यथा इसका कड़ा विरोध जारी रहेगा.
गौरतलब है कि,स्वामी यशवीर महाराज वही शख्स हैं, जिन्होंने 4 साल पहले कावड़ यात्रा मार्ग पर दुकानों पर ‘नेम प्लेट’ (पहचान अभियान) लगाने का मुद्दा उठाकर काफी सुर्खियां बटोरी थीं. अब कावड़ यात्रा में मजहबी वस्त्रों के इस्तेमाल पर दिए गए उनके इस नए बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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