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‘न कफन मिला, न कंधा… बेबस पत्नी 3 दिनों तक मौत के साए में बैठी करती रही इंतजार; देखें VIDEO

Bihar Crime: बिहार के खगड़िया जिले से इंसानियत और सामाजिक संवेदनाओं को तार-तार कर देने वाली एक भयावह घटना सामने आई है, जहां गरीबी के कारण एक महिला को अपने ही पति के अंतिम संस्कार के लिए संघर्ष करना पड़ा.

कैंसर से पीड़ित पति की मौत के बाद आर्थिक तंगी और ग्रामीणों की बेरुखी के चलते पत्नी 3 दिनों तक शव के पास बैठी रही. जब बदबू आने लगी, तब सामाजिक कार्यकर्ताओं और नगर प्रशासन की मदद से अंतिम संस्कार संपन्न कराया जा सका.

गरीबी की सबसे दर्दनाक तस्वीर (Khagaria Dead Body Incident)

बिहार के खगड़िया शहर स्थित चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर गांव (वार्ड संख्या-5) से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहाँ के निवासी मन्नो साह लंबे समय से लिवर कैंसर से जूझ रहे थे, जिसके इलाज में परिवार का सबकुछ बिक चुका था. बीमारी से लड़ते-लड़ते अंततः उनकी मौत हो गई, लेकिन असली त्रासदी तो मौत के बाद शुरू हुई.

3 दिनों तक शव के पास बैठी रही बेबस पत्नी  (Poverty Tragedy Bihar)

परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी थी कि उनके पास कफन खरीदने और अंतिम संस्कार करने तक के पैसे नहीं बचे थे. लाचार पत्नी ने मदद की उम्मीद में गांव वालों से गुहार लगाई, लेकिन इस कठिन समय में न तो कोई आर्थिक मदद के लिए आगे आया और न ही किसी ने शव को कंधा देने की हिम्मत दिखाई.

कोई रास्ता न देख, बदहवास पत्नी 3 दिनों तक अपने पति के बेजान शरीर के पास बैठकर किसी मसीहे का इंतजार करती रही. समय गुज़रने के साथ स्थिति इतनी भयावह हो गई कि शव से दुर्गंध आने लगी. इस मंजर ने गरीबी और लाचारी के उस भयानक रूप को उजागर किया, जो किसी का भी कलेजा कंपा दे.

प्रशासन और समाजसेवियों की पहल से हुआ अंतिम संस्कार (Chitragupta Nagar Police Station)

घटना की सूचना जब स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और नगर प्रशासन तक पहुंची, तो वे तुरंत हरकत में आए. समाजसेवियों और नगर प्रशासन के संयुक्त प्रयास व वित्तीय सहयोग से अंततः मृतक मन्नो साह का सम्मानपूर्वक दाह-संस्कार कराया गया. इस घटना ने समाज की संवेदनहीनता और गरीब परिवारों की बदहाली पर गहरे सवाल छोड़ दिए हैं.

यह भी पढ़ें- होटल का कमरा, रंगरेलियां मनाती पत्नी और अचानक पहुंचे पति का ड्रामा… औरत के एक जुमले से सन्न रह गए लोग; देखें VIDEO

-भारत एक्सप्रेस

Shubhra Rai

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