दिल्ली और एनसीआर में मौसम के बिगड़े मिजाज और घने कोहरे ने हवाई सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि पायलटों के लिए दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर विमान लैंड करना नामुमकिन हो गया. ऐसे में ‘संकटमोचक’ बनकर उभरा लखनऊ का चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जहां एक के बाद एक कुल 15 विमानों को डायवर्ट कर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.
हवाई अड्डे की परिचालन टीम के लिए यह किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था. आधी रात से लेकर तड़के सुबह तक विमानों के आने का सिलसिला जारी रहा. लेकिन लखनऊ एयरपोर्ट के ‘ईस्ट एप्रन’ एरिया और वहां की ग्राउंड टीम की मुस्तैदी का ही नतीजा था कि इन 15 अतिरिक्त विमानों के कारण लखनऊ की अपनी रेगुलर उड़ानों पर रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ा.
दिल्ली से डायवर्ट होकर लखनऊ पहुंचे इन विमानों में हजारों यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे. इनमें घरेलू उड़ानों के साथ-साथ कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शामिल थीं.
प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उड़ानें:
एयर इंडिया (AI-212): काठमांडू से दिल्ली जा रही यह फ्लाइट रात 11:47 बजे लखनऊ उतरी. इसमें 168 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे.
इंडिगो (6E-1014): सिंगापुर से दिल्ली की इस फ्लाइट ने रात 3:23 बजे लैंडिंग की. इसमें 186 यात्री सवार थे.
फुकेट से दिल्ली (6E-1082): इसमें 202 यात्री सवार थे.
मस्कट से दिल्ली (IX-164): इस विमान में भी 160 यात्रियों का लोड था.
लखनऊ एयरपोर्ट पर औरंगाबाद, गुवाहाटी, मुंबई, हैदराबाद, कोयंबटूर, नासिक, बेंगलुरु और जयपुर जैसे शहरों से दिल्ली जा रही उड़ानों को भी सुरक्षित उतारा गया. इनमें से कुछ प्रमुख फ्लाइट्स इस प्रकार रहीं:
औरंगाबाद-दिल्ली (6E-6257): 233 यात्री (रात 1:24 बजे)
नासिक-दिल्ली (6E-6636): 218 यात्री (रात 3:10 बजे)
हैदराबाद-दिल्ली (6E-6025): 208 यात्री (रात 3:02 बजे)
जयपुर-दिल्ली (6E-2376): 213 यात्री (रात 3:38 बजे)
गुवाहाटी-दिल्ली (IX-1042): 180 यात्री (रात 1:15 बजे)
हैदराबाद-दिल्ली (SG-902): 191 यात्री (रात 3:02 बजे)
एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि सभी 15 विमानों को उचित पार्किंग (जैसे बे-10, बे-105L, बे-14 आदि) और तकनीकी सुविधाएं मुहैया कराई गईं. यात्रियों को विमान के अंदर और टर्मिनल पर हर संभव मदद दी गई. जैसे ही दिल्ली में मौसम साफ होने की सूचना मिली, इन सभी विमानों को उनके गंतव्य के लिए वापस रवाना कर दिया गया. लखनऊ एयरपोर्ट की इस बेहतरीन मैनेजमेंट की वजह से एक बड़ा संकट टल गया और हजारों यात्रियों ने राहत की सांस ली.
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-भारत एक्सप्रेस
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