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महाराष्ट्र कट्टरपंथ पर सर्जिकल स्ट्राइक:  114 प्रकाशनों पर बैन, किन-किन पत्रिकाओं पर गिरी गाज?

Maharashtra Radical Publications Ban: महाराष्ट्र सरकार ने आतंकवाद और कट्टरपंथी विचारधारा के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ‘महा-एक्शन’ लिया है. राज्य के गृह विभाग ने एक असाधारण राजपत्र जारी करते हुए आतंकवादी संगठनों से जुड़े 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों, पत्रिकाओं और साहित्य पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध (Ban) लगा दिया है. इसके साथ ही इन सभी प्रकाशनों की फिजिकल और डिजिटल प्रतियों को सरकार के पक्ष में जब्त करने का फरमान भी जारी कर दिया गया है.

‘जिहाद’ का महिमामंडन और आतंकियों की भर्ती (Maharashtra Govt Action On Publications)

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, मुंबई एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की जांच, खुफिया एजेंसियों के इनपुट और साइबर निगरानी में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था. रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ डिजिटल सामग्री और साहित्य के जरिए युवाओं में कट्टरपंथ का जहर घोला जा रहा था. इन पत्रिकाओं में न सिर्फ ‘जिहाद’ और हिंसक उग्रवाद का महिमामंडन किया जा रहा था, बल्कि ये आतंकवादी संगठनों में युवाओं की भर्ती का भी एक बड़ा जरिया बन गई थीं. इसे देश की संप्रभुता और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए सीधा खतरा माना गया है.

किन-किन पत्रिकाओं पर गिरी गाज? (Why Voice of Khurasan banned In Maharashtra)

महाराष्ट्र सरकार द्वारा बैन की गई इन 114 पत्रिकाओं में कई कुख्यात नाम शामिल हैं. इनमें प्रमुख रूप से ‘वॉयस ऑफ खुरासान मैगजीन’ (Voice of Khurasan), ‘द रिवोल्यूशनरी रिसर्जेंस’ (The Revolutionary Resurgence), ‘द सोल ऑफ रेसिस्टेंस’, ‘नवाई गजवा-ए-हिंद’ (Nawa-e-Ghazwa-e-Hind) और ‘कश्मीर किफाह – रेजिलिएंस एंड करेज’ जैसी पत्रिकाओं के नाम शामिल हैं, जिन पर अब पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.

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नए कानून BNSS के तहत हुई कार्रवाई (Maharashtra anti-terror action)

ATS के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने 17 मार्च को राज्य सरकार को पत्र लिखकर आगाह किया था कि यह प्रचार सामग्री भारत की अखंडता के खिलाफ है और इसे तुरंत जब्त किया जाना चाहिए. इसी आधार पर सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 98(1) के तहत इन सभी 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों को बैन कर दिया है. सरकार के इस सख्त कदम से स्लीपर सेल और आतंकी नेटवर्कों को तगड़ा झटका लगना तय है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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