देश

93 साल की उम्र में दौड़ने की शुरुआत, पीएम मोदी की खास मेहमान रहीं मान कौर की प्रेरणादायक कहानी

कहा जाता है कि अगर इंसान के अंदर कुछ कर दिखाने की चाह हो और मेहनत करने का हौसला मजबूत हो, तो उम्र सिर्फ एक संख्या रह जाती है. भारत की मान कौर ने इस बात को अपनी जिंदगी से साबित कर दिखाया. जिस उम्र में ज्यादातर लोग आराम और परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं, उसी उम्र में मान कौर ने दौड़ की दुनिया में कदम रखा और ऐसा इतिहास बनाया, जिसे आज भी लोग प्रेरणा के रूप में याद करते हैं.

मान कौर का जन्म 1 मार्च 1916 को पंजाब के पटियाला में हुआ था. उनकी जिंदगी का ज्यादातर हिस्सा एक सामान्य गृहिणी के रूप में बीता. उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जीवन के आखिरी पड़ाव में वह एक अंतरराष्ट्रीय एथलीट बन जाएंगी. लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था.

मान कौर के बेटे गुरुदेव सिंह खुद एक धावक थे. बेटे को मैदान में दौड़ते देखकर मान कौर के मन में भी दौड़ने की इच्छा पैदा हुई. उन्होंने 93 साल की उम्र में पहली बार दौड़ना शुरू किया. शुरुआत भले ही देर से हुई, लेकिन उनका जुनून और मेहनत इतनी मजबूत थी कि देखते ही देखते उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली.

उनकी पहली प्रतियोगिता 100 मीटर दौड़ थी, जिसमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार नई उपलब्धियां हासिल करती चली गईं.

मान कौर ने 101 साल की उम्र में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आयोजित वर्ल्ड मास्टर्स गेम्स में 100 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया और स्वर्ण पदक जीतकर पूरी दुनिया को चौंका दिया. उन्होंने यह रेस 1 मिनट 14 सेकेंड में पूरी की थी. यह उनके करियर का 17वां गोल्ड मेडल था. उनके प्रदर्शन से वहां मौजूद दर्शक और मीडिया बेहद प्रभावित हुए. न्यूजीलैंड की मीडिया ने उन्हें ‘चंडीगढ़ का करिश्मा’ तक कहा.

साल 2016 में उन्होंने अमेरिका के सैक्रामेंटो में आयोजित प्रतियोगिता में 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में हिस्सा लेकर दोनों में स्वर्ण पदक जीते. उसी साल कनाडा के वैंकूवर में हुई मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने दौड़ के साथ-साथ भाला फेंक और गोला फेंक जैसी प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया और चार गोल्ड मेडल अपने नाम किए.

जर्मनी में आयोजित विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भी मान कौर ने 101 साल की उम्र में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. उनकी उपलब्धियों के कारण उन्हें ‘रनिंग क्वीन ऑफ इंडिया’ के नाम से भी जाना जाने लगा.

देश ने भी किया सम्मानित

मान कौर के अद्भुत साहस और उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने साल 2019 में उन्हें प्रतिष्ठित ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से सम्मानित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ की शुरुआत के दौरान उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया था, ताकि देश के लोग उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें.

मान कौर ने यह संदेश दिया कि सपनों को पूरा करने के लिए सही समय का इंतजार करने के बजाय कोशिश शुरू करना जरूरी है. उन्होंने साबित किया कि उम्र कभी भी किसी इंसान के हौसले से बड़ी नहीं हो सकती.

दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरणा देने वाली मान कौर का निधन 31 जुलाई 2021 को हुआ, लेकिन उनकी कहानी आज भी उन सभी लोगों के लिए उम्मीद और हिम्मत की मिसाल है, जो जीवन में कुछ नया करने का सपना देखते हैं.

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी पर आपत्तिजनक पोस्ट से बवाल, X पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन

भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

Jio IPO Last Day: पैसा लगाने का आखिरी मौका आज, जानिए लिस्टिंग पर कितना मुनाफा दे सकता है शेयर?

Jio ipo gmp: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ का मेगा…

3 minutes ago

विधान परिषद चुनाव में किसका पलड़ा भारी? यूपी, बिहार समेत 4 राज्यों में वोटिंग, 27 अक्टूबर को नतीजे

MLC Elections: यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों पर मतदान…

55 minutes ago

Gajkesari Rajyog 2026: नवंबर की शुरुआत में बनेगा सबसे दुर्लभ ‘गजकेसरी राजयोग’! इन 3 राशियों पर होगी छप्परफाड़ धनवर्षा

Gajkesari Rajyog 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, नवंबर 2026 की शुरुआत में सिंह राशि में…

1 hour ago

दिल्ली में वाहन चोरी, रांची में ठिकाना! कांके में रेड के दौरान 2 थार और 4 बाइक बरामद

रांची के कांके में दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त छापेमारी में दो थार…

1 hour ago

काशी के आसमान में गरजे राफेल-सुखोई: ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में वायुसेना के करतबों ने किया मंत्रमुग्ध

वाराणसी में भारतीय वायुसेना के ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में राफेल, सुखोई-30 MKI, तेजस…

1 hour ago