पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता आज एक बेहद खास और सकारात्मक संदेश की गवाह बनी. शहर के रवींद्र नाथ टैगोर ऑडिटोरियम में ‘शांति, सद्भावना और विकास’ विषय पर एक भव्य राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया. इस मौके पर पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ मंत्री दिलीप घोष के हाथों ‘अहिंसा विश्व भारती’ संस्था की नई राज्य शाखा का विधिवत उद्घाटन हुआ. कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरी जी और संस्था के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश जी समेत कई धर्मों के प्रमुख गुरु और गणमान्य लोग शामिल हुए.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि और वरिष्ठ मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि आचार्य लोकेश जी के मार्गदर्शन में खुली यह नई शाखा पश्चिम बंगाल में अहिंसा, शांति और सामाजिक समरसता की एक नई अलख जगाएगी. उन्होंने भरोसा जताया कि संस्था के प्रयास राज्य के सर्वांगीण विकास में मददगार साबित होंगे. इस खास मौके पर मंत्री दिलीप घोष के साथ उनकी पत्नी श्रीमती रिंकू मजुमदार घोष भी मौजूद रहीं.
विश्व शांतिदूत आचार्य लोकेश जी ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया को इस समय युद्ध और हिंसा के दौर से बाहर निकालने की सबसे ज्यादा जरूरत है. उन्होंने जोर देकर कहा, “शांति, सद्भावना और विकास- ये तीनों चीजें आपस में जुड़ी हुई हैं. जब समाज में शांति का माहौल होगा, तभी हर व्यक्ति को आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं को निखारने का पूरा अवसर मिलेगा.”
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरी जी ने भारतीय संस्कृति की तारीफ करते हुए कहा कि हमारी जीवन-पद्धति दुनिया को प्रेम, करुणा और भाईचारे का रास्ता दिखाती है. आज के संघर्षपूर्ण समय में आचार्य लोकेश जी और उनकी संस्था जैसे प्रयासों की देश को बहुत जरूरत है. वहीं, अहिंसा विश्व भारती के चेयरमैन विनोद दुगड़ ने कहा कि यह संस्था राष्ट्रीय चरित्र निर्माण के लिए समर्पित है. बंगाल में इसकी शुरुआत होने से यहां के मानवीय मूल्यों और विकास को एक नई गति मिलेगी.
समारोह में गुरुद्वारा बेहाला के सरदार सतनाम सिंह आहलूवालिया और भारतीय संघराज भिक्षु महासभा के डॉ. बुद्ध प्रिय भिक्षु ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि यह संस्था बंगाल के हर वर्ग को आपस में जोड़ने का बेहतरीन माध्यम बनेगी.
राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम का शानदार संचालन रोहित सुराणा ने किया, जबकि संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश तिवारी ने सभी का आभार जताया. कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय खेमका, बसंत सेठिया, भाविन भाई, सार्थी गुप्ता, मनोज जैन और सुव्रतो गांगुली का विशेष सहयोग रहा.
-भारत एक्सप्रेस
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