PM Modi Bengal Visit: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण की वोटिंग खत्म होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ऐसा अंदाज सामने आया है, जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. झाड़ग्राम की गलियों में 10 रुपये की ‘झालमुड़ी’ (Modi Jhalmuri Video) खाने से लेकर हुगली नदी में नाविक को ‘जादू की झप्पी’ और 500 का नोट देने तक…पीएम मोदी का यह ‘आम आदमी’ अवतार महज इत्तेफाक नहीं है.
बता दें कि यह बंगाल की ‘आत्मा’ से जुड़ने और विपक्ष के ‘बाहरी’ वाले नैरेटिव को ध्वस्त करने की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है. चुनावी शोर के बीच पीएम की यह सादगी बंगाल के मतदाताओं को एक गहरा भावनात्मक संदेश दे रही है.
पीएम मोदी भली-भांति जानते हैं कि बंगाल का चुनाव केवल विकास के वादों पर नहीं बल्कि ‘अस्मिता’ और ‘जुड़ाव’ पर लड़ा जाता है. झाड़ग्राम में अचानक गाड़ी रोककर आम दुकानदार से झालमुड़ी खरीदना और उसे अपने हाथ से 10 रुपये का नोट देना, सीधे तौर पर उन आरोपों का जवाब था जिसमें बीजेपी को बंगाल की संस्कृति से दूर बताया जाता है. पीएम ने इस छोटे से कदम से यह संदेश दिया कि वे बंगाल के स्वाद और यहाँ की मिट्टी की खुशबू को बखूबी पहचानते हैं, जिससे टीएमसी के ‘मिट्टी-मानुष’ वाले नारे को सीधी चुनौती मिली है.
हुगली नदी में नाव की सवारी (PM Modi Hooghly Boat Ride) के दौरान पीएम का नाविकों से मिलना एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है. जिस नाव के मालिक इफ्तिखार अहमद थे, उनसे मिलकर पीएम ने ‘सौहार्दपूर्ण ढंग से साथ रहने’ की बात कही.
दरअसल यह सीधे तौर पर अल्पसंख्यक मतदाताओं के बीच एक सकारात्मक छवि बनाने और ‘सबका साथ-सबका विकास’ के नारे को जमीन पर उतारने की कोशिश थी. एक मुस्लिम नाविक की नाव चुनना और उससे आत्मीयता से बात करना, बंगाल के ध्रुवीकृत चुनावी माहौल में शांति और एकजुटता का एक बड़ा राजनैतिक संकेत है.
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नाविक गौरांग विश्वास को नाव की सैर के बाद 500 रुपये का नोट देना और उसे गले लगाना पीएम की ‘प्रधान सेवक’ वाली छवि को और मजबूत करता है. गौरांग के लिए यह महज पैसा नहीं, बल्कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति से मिला सम्मान था.
बताते चलें पीएम मोदी अक्सर अपनी रैलियों में खुद को कामगारों और गरीबों का साथी बताते हैं, और हुगली के घाट पर किया गया यह व्यवहार उस दावे को हकीकत में बदलता दिखा. यह संदेश उन लाखों मेहनतकश बंगालियों के लिए था जो खुद को व्यवस्था से कटा हुआ महसूस करते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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