फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit 2026) के दौरान भारत की कूटनीतिक धमक खाड़ी देशों के बीच और ज्यादा मजबूत हो गई है. वैश्विक मंच पर ब्रिटेन, कनाडा और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति हिज हाईनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ एक बेहद उच्च स्तरीय और द्विपक्षीय बैठक की. चौंकाने वाली बात यह है कि इस साल यानी 2026 में दोनों वैश्विक नेताओं के बीच यह तीसरी महा-मुलाकात है, जो साफ दर्शाती है कि भारत और यूएई के बीच की ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ अब दुनिया की सबसे मजबूत और अटूट जोड़ियों में से एक बन चुकी है.
इस मुलाकात के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर विशेष रूप से अरबी भाषा में पोस्ट लिखकर दुनिया को हैरान कर दिया. पीएम मोदी ने अपनी गहरी बॉन्डिंग दिखाते हुए लिखा, “मैंने अपने भाई हिज हाईनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ एक अत्यंत फलदायी बैठक की.
हमने विभिन्न क्षेत्रों में भारत-यूएई संबंधों और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की. मैंने उन्हें और यूएई सरकार को वहां रह रहे भारतीय समुदाय के प्रति उनके खास ध्यान और देखभाल के लिए दिल से धन्यवाद दिया.
عقدتُ اجتماعاً مثمراً للغاية مع أخي صاحب السمو الشيخ محمد بن زايد آل نهيان، حيث ناقشنا العلاقات الهندية الإماراتية في مختلف القطاعات، وسبل تعزيز شراكتنا الاستراتيجية الشاملة. وقد جددتُ شكري وتقديري له ولحكومة دولة الإمارات العربية المتحدة على اهتمامهم ورعايتهم للجالية الهندية… pic.twitter.com/jRaFEyQKTF
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
व्यापारिक और आर्थिक समझौतों की समीक्षा के साथ-साथ इस बैठक का भू-राजनीतिक (Geopolitical) महत्व भी बहुत बड़ा रहा. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) की मौजूदा अस्थिर स्थिति और विशेष रूप से हार्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा व क्षेत्रीय स्थिरता जैसे बेहद संवेदनशील वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से विचारों का आदान-प्रदान किया. वैश्विक तेल और व्यापारिक जहाजों के रूट को सुरक्षित रखने के लिए दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने और संवाद के जरिए तनाव को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
इस बैठक का सबसे बड़ा और टर्निंग पॉइंट तब आया जब प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को भारत द्वारा आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने का आधिकारिक और विशेष निमंत्रण दिया. भारत और यूएई के बीच गहरे होते ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा (Food Security) और अरबों डॉलर के निवेश लिंकेज ने वैश्विक मंच पर भारत विरोधी ताकतों के पसीने छुड़ा दिए हैं. दोनों देशों ने कसम खाई है कि वे लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ाकर इस ऐतिहासिक दोस्ती को एक नए रॉकेट जैसी रफ्तार देंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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