देश

‘कैबिनेट सेक्रेटरी को पत्र लिखना प्रोटोकॉल के खिलाफ’, चुनाव आयोग के पूर्व अधिकारी का बड़ा खुलासा

Election Commission Dispute: भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के पूर्व संयुक्त निदेशक मोहम्मद अमीन ने बुधवार को कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और ज्ञानेश कुमार द्वारा कैबिनेट सचिव को लिखे गए कथित पत्र प्रोटोकॉल के खिलाफ थे और इसके बजाय उन्हें कानून और न्याय मंत्रालय या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित किया जाना चाहिए था.

इससे पहले एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग के कई फैसलों पर रिकॉर्ड पर आपत्ति जताई थी, जो कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना लिए गए थे.

प्रेस रिलीज जारी कर ईसीआई ने स्पष्ट किया मामला

ईसीआई ने आंतरिक मतभेदों की खबरों को शांत करने के लिए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की और उस संदर्भ को स्पष्ट किया जिसमें ईसीआई अधिकारियों ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था.

आईएएनएस से ​​बात करते हुए मोहम्मद अमीन ने कहा कि देश, जिसमें मतदाता और राजनीतिक दल शामिल हैं, असली मुद्दा जानना चाहते थे.

उन्होंने कहा कि उन्होंने जो भी पत्र लिखे हैं, अगर उन्हें कोई पत्र लिखना ही था तो उन्हें कानून और न्याय मंत्रालय को लिखना चाहिए था. कानून और न्याय मंत्रालय ही संशोधन करता है. अगर कैबिनेट सचिव को कुछ भी लिखा गया था, तो यह प्रोटोकॉल के खिलाफ था. उनके अनुसार, अगर उन्हें कोई पत्र लिखना था तो उन्हें राष्ट्रपति को लिखना चाहिए था या उनसे मिलना चाहिए था. कुछ गलत जानकारी भी फैली है. मामला जो भी हो, उसे स्पष्ट किया जाना चाहिए. पूरे आयोग को देश के सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए. तभी लोग विश्वास करेंगे कि चुनाव आयोग पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है और किसी भी पार्टी से जुड़ा नहीं है.

एसआईआर 2004 में की गई थी आयोजित

मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के बारे में उन्होंने कहा कि एसआईआर 2004 में आयोजित की गई थी. उसके बाद इसे 2025-26 में बिहार और पश्चिम बंगाल में किया गया था.

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एसआईआर कैसे आयोजित किया जाए, यह तय करना चुनाव आयोग का संवैधानिक अधिकार है. अगर प्रक्रिया में कोई अनियमितता पाई जाती है तो शायद सुप्रीम कोर्ट इस पर गौर करेगा और चुनाव आयोग भी इस मामले पर विचार करेगा.

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चुनाव आयोग के अंदर मतभेदों की खबरों पर मोहम्मद अमीन ने कहा कि विपक्ष अब अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए इसका इस्तेमाल करेगा और कहेगा कि जो मुद्दे उसने उठाए थे, वे सही थे.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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