देश

मॉनसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में बवाल: बागी TMC सांसदों को देख विपक्ष का वॉकआउट, बाद में हुए शामिल

कल यानी 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे संसद के हाई-प्रोफाइल मॉनसून सत्र (Monsoon Session All Party Meeting) से ठीक पहले राजधानी दिल्ली में बुलाई गई पारंपरिक सर्वदलीय बैठक सियासी संग्राम का अखाड़ा बन गई. दरसल संसद भवन एनेक्सी में आयोजित इस बेहद अहम बैठक में सत्र के सुचारू संचालन पर आम सहमति बनने के बजाय सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी रार देखने को मिली.

हुआ यूं कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को इस बैठक में आमंत्रित किए जाने से नाराज विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बैठक से वॉकआउट कर दिया.हालांकि, भारी हंगामे और तीखी बहस के बाद विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल तो हुए, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि आने वाला मॉनसून सत्र बेहद हंगामेदार और टकराव से भरा होने वाला है.

बिना स्पीकर की मान्यता के बागी गुट को न्योता(Monsoon Session All Party Meeting)

बता दें कि इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का वह फैसला रहा, जिसके तहत उन्होंने टीएमसी से बगावत कर अलग हुए नेताओं की नई नवेली पार्टी ‘NCPI कोको’ को भी इस सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का आधिकारिक न्योता भेज दिया. विपक्ष का सबसे बड़ा और कड़क ऐतराज यह है कि जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अभी तक इस बागी गुट को सदन में एक स्वतंत्र पार्टी के रूप में आधिकारिक तौर पर कोई मान्यता ही नहीं दी है.

तो सरकार ने किस हैसियत से उन्हें इतनी महत्वपूर्ण बैठक में टेबल पर जगह दे दी. टीएमसी के दिग्गज नेता सौगात रॉय और कांग्रेस खेमे ने इसे स्थापित संसदीय परंपराओं का खुला उल्लंघन बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद सदन के भीतर सीटों के तालमेल को लेकर भी भारी बहस छिड़ गई.

बागी सांसदों के लिए अलग बेंचों का इंतजाम

बैठक(Monsoon Session All Party Meeting) के एजेंडे से अलग हटकर बागी सांसदों ने संसदीय कार्य मंत्रालय से एक अनोखी और कड़क मांग की थी कि उन्हें मुख्य टीएमसी सांसदों के साथ न बिठाया जाए बल्कि उनके बैठने के लिए अलग बेंचों पर सीटों का विशेष बंदोबस्त किया जाए. सरकार ने विपक्ष के विरोध के बावजूद इस मांग को स्वीकार करते हुए उनके लिए अलग सीटों की व्यवस्था कर दी, जिसने विवाद की आग में घी का काम किया.

इस तीखे गतिरोध के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि संसद हर किसी की है और देश के विकास के लिए विधायी कार्यों व विधेयकों में सभी की भागीदारी जरूरी है. उन्होंने अपील की कि संसद जितनी बेहतर चलेगी, देश को उतना ही अधिक लाभ होगा. सरकार विपक्ष की हर जायज बात सुनने को तैयार है, बशर्ते विपक्ष भी सदन चलाने में पूरा सहयोग दे.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

गेहूं-धान छोड़िए! अब इस फसल से होगी नोटों की बारिश, बिहार सरकार देगी ₹36,000 की भारी छूट

पारंपरिक फसलों से हटकर किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बिहार सरकार ने बांस ('ग्रीन…

19 minutes ago

नवरात्रि में हिंदू मंदिर पर खूनखराबे की साजिश; 300 गोलियां लेकर पहुंचा युवक, टल गया बड़ा हादसा

Chicago Hindu Temple Attack Plot: अमेरिका के इलिनोइस में एक 19 वर्षीय युवक को हिंदू…

29 minutes ago

IISc Genetic Course: आईआईएससी ने शुरू किया जेनेटिक इंजीनियरिंग कोर्स, फटाफट करें अप्लाई

Genetic Engineering Course: साइंस के स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. IISc बैंगलोर ने 'एडवांसेस…

30 minutes ago

‘जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति रूप में विद्यमान हैं…’, पीएम मोदी ने मां स्कंदमाता की स्तुति में साझा किया खास मंत्र

Pm modi: नवरात्रि के पांचवें दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने मां स्कंदमाता को नमन करते…

57 minutes ago

महाराष्ट्र में सुबह-सुबह कांपी धरती, हिंगोली में भूकंप के झटकों से लोगों की खुली नींद

Maharashtra Earthquake: महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में 15 अक्टूबर 2026 की सुबह 2.9 तीव्रता का…

1 hour ago

बिग बॉस के घर में अब नहीं होगी नकुल ढुल की वापसी! इंस्टा स्टोरी ने कर दिया सब कुछ साफ

बिग बॉस 20 से बाहर आते ही सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर नकुल ढुल (मीठू डॉन) ने…

1 hour ago