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राजधानी दिल्‍ली में ‘नवयुग खादी’ फैशन शो: PM मोदी की प्रेरणा से खादी बनी राष्ट्रप्रेम और आधुनिक जीवनशैली का प्रतीक

नई दिल्ली: आज राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी, प्रगति मैदान में ‘नवयुग खादी फैशन शो’ (Navyug Khadi Fashion Show) का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में ‘नये भारत की नयी खादी’ को उसके आधुनिक और नवाचारी स्वरूप में अत्यंत आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया. यह फैशन शो खादी के बदलते स्वरूप और उसकी बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता का स्पष्ट प्रतीक बनकर उभरा.

यह आयोजन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर खादी (CoEK), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) और फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (FDCI) की एक महत्वपूर्ण संयुक्त पहल थी. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के तहत आने वाले खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार रहे.

पीएम मोदी का मंत्र बना खादी पुनर्जागरण का आधार

KVIC अध्यक्ष मनोज कुमार ने अपने संबोधन में खादी के इस पुनर्जागरण का श्रेय सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से खादी अब केवल एक कपड़ा नहीं रह गई है, बल्कि यह ‘राष्ट्रप्रेम और आधुनिक जीवनशैली दोनों का प्रतीक’ बन गई है. उन्होंने प्रधानमंत्री के मंत्र- “Khadi for Nation, Khadi for Fashion और Khadi for Transformation” को खादी की नई पहचान का आधार बताया.

फैशन शो में दिखा ‘ग्राम से ग्लैमर’ तक का सफर

‘नवयुग खादी’ फैशन शो और प्रदर्शनी खादी को अधिक आधुनिक और भविष्य के अनुकूल बनाने की एक नई शुरुआत है. इस आयोजन में पहली बार एक ‘डिजाइनर टीम’ के मार्गदर्शन में साड़ियाँ, परिधान, यार्डेज, एक्सेसरीज और गृह-सज्जा के उत्पाद देशभर के खादी संस्थानों के माध्यम से तैयार कर एक ही स्थान पर प्रदर्शित किए गए.

इस प्रदर्शनी ने उड़ीसा की इक्कत, असम की एरी सिल्क, गुजरात की तंगालिया, कर्नाटक की सिल्क, बंगाल की कॉटन, और तेलंगाना व बिहार की बुनाइयों जैसे विविध क्षेत्रीय शिल्पों को एक मंच पर लाकर खादी को एक आधुनिक, समावेशी और वैश्विक पहचान दी है. फैशन शो में रैम्प पर एक से बढ़कर एक खादी डिज़ाइनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस शो का सबसे भावनात्मक क्षण वह था, जब देशभर से आए खादी संस्थानों के प्रतिनिधि और कारीगर रैम्प पर उतरे. यह दृश्य वास्तव में ‘ग्राम से ग्लैमर’ की नई यात्रा का प्रतीक बना.

देश में आई रोजगार और आत्मनिर्भरता की क्रांति

यह आयोजन खादी के व्यापक महत्व को रेखांकित करता है, क्योंकि खादी रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और देश की आत्मनिर्भरता, तीनों से जुड़ी हुई है. KVIC अब डिजाइनरों द्वारा तैयार किए गए इन आधुनिक खादी वस्त्रों को विपणन का मंच उपलब्ध कराएगा.

यह आयोजन 28 नवंबर को शुरू हुआ, जिसमें खादी नॉलेज पोर्टल (वॉल्यूम-II) का भी शुभारंभ किया गया. KVIC के अनुसार, ‘खादी क्रांति’ ने पिछले 11 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग के कारोबार को 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपये के पार पहुँचा दिया है, और इस दौरान लगभग 2 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है. 28 नवंबर से 3 दिसंबर 2025 तक चलने वाले इस आयोजन में खरीददारी के साथ-साथ आगंतुकों के लिए हाथ-कताई, प्राकृतिक रंगाई और साड़ी ड्रेपिंग की रोचक कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं, जिससे लोग खादी के निर्माण अनुभव से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ सकें.

कोमल शर्मा, वरिष्ठ संवाददाता

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