रिपोर्ट-अमन
Praveen murder case in Nawada: बिहार के नवादा जिले में प्रेम प्रसंग के चलते हुई एक सनसनीखेज हत्या और सबूत मिटाने के हाई-प्रोफाइल मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. नवादा की विशेष अदालत के न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा ने इस खौफनाक वारदात के दो मुख्य आरोपियों, एक युवक और एक युवती, को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास (उम्रकैद) की कड़ी सजा सुनाई है.
कोर्ट के इस फैसले के बाद दोषियों को अब अपनी पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे काटनी होगी. दोषियों में पकरीबरावां थाना क्षेत्र के दिऔरा गांव की रहने वाली भवानी कुमारी और असमा गांव का सुधांशु कुमार उर्फ छोटू कुमार शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर इस पूरी खौफनाक साजिश को अंजाम दिया था.
विशेष न्यायाधीश ने दोनों दोषियों की बर्बरता और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन पर 30-30 हजार रुपये का भारी अर्थदंड भी लगाया है. इसके साथ ही, हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने और लाश को ठिकाने लगाने के गंभीर आरोप में कोर्ट ने दोनों को अतिरिक्त रूप से 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अलग जुर्माने की सजा भी सुनाई है.
हालांकि, अदालत ने साफ किया है कि ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी. कानून के जानकारों का मानना है कि इस तरह के सख्त फैसले से समाज में अपराधियों के बीच एक कड़ा और मजबूत संदेश जाएगा कि कानून के हाथ से बच पाना मुमकिन नहीं है.
यह पूरा सनसनीखेज मामला नगर थाना कांड संख्या-1320/24 से जुड़ा हुआ है. इस खौफनाक वारदात का खुलासा 9 नवंबर 2024 को हुआ था, जब सिसवां गांव के पास लुटन बिगहा जाने वाले रास्ते पर झाड़ियों में एक अज्ञात युवक का अधजला शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था.
शव इस कदर जल चुका था कि उसकी शिनाख्त कर पाना पुलिस के लिए बेहद मुश्किल चुनौती थी. लेकिन घटनास्थल के पास ही मिली एक मोटरसाइकिल के नंबर ने पूरी तफ्तीश का रुख बदल दिया. पुलिस ने जब बाइक के नंबर को ट्रेस किया, तब जाकर मृतक की पहचान धमौल थाना क्षेत्र के ढोढा गांव निवासी प्रवीण कुमार के रूप में हुई.
जब पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाना शुरू किया, तो परत-दर-परत जो सच सामने आया उसने हर किसी को हैरान कर दिया. पुलिस जांच और कॉल डिटेल्स से साफ हो गया कि यह पूरी वारदात त्रिकोणीय प्रेम संबंध के चलते अंजाम दी गई थी. भवानी कुमारी और सुधांशु कुमार ने एक सोची-समझी साजिश के तहत प्रवीण कुमार की बेरहमी से हत्या की और पहचान छुपाने के मकसद से शव पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी.
कोर्ट (Praveen murder case in Nawada) में विशेष लोक अभियोजक महबूब उद्दीन की धारदार दलीलों, पुख्ता गवाहों और पुलिस की मजबूत वैज्ञानिक जांच के आधार पर दोनों का गुनाह पूरी तरह साबित हो गया, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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