देश

नवादा में तेज रफ्तार का कहर: बेकाबू बस ने BMP जवान को कुचला, चाचा के अंतिम संस्कार में शामिल होने आ रहे बेटे का उजड़ा संसार!

रिपोर्ट-अमन


बिहार के नवादा जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला रोह प्रखंड के शेखपुरा मोड़ का है, जहां एक अनियंत्रित बस ने पीछे से बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. इस हृदयविदारक दुर्घटना में बक्सर के डुमरांव स्थित बीएमपी कैंप में तैनात जवान मोती कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार पिता-पुत्र सड़क पर गिर गए और बस का पहिया जवान को कुचलते हुए निकल गया. हादसे में मोती कुमार का बेटा जैकी कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.

चाचा के अंतिम संस्कार में आ रहे थे घर

मृतक मोती कुमार (30 वर्ष) वारिसलीगंज के हर्षितपुर गांव के रहने वाले थे और 2013 से बिहार मिलिट्री पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे थे. परिजनों ने बताया कि मोती कुमार अपने चाचा के निधन की सूचना पाकर उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बाइक से घर लौट रहे थे. किसी ने सोचा भी नहीं था कि जिस घर में एक बुजुर्ग की विदाई की तैयारी चल रही थी, वहां परिवार के सबसे छोटे और लाडले बेटे का शव पहुंचेगा. इस खबर के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

फरार बस चालक की तलाश में जुटी पुलिस

हादसे को अंजाम देने के बाद बस चालक मौके का फायदा उठाकर वाहन सहित फरार हो गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया है. जांच अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास कोई सीधा सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं था.

लेकिन पास के एक पेट्रोल पंप पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी बस और उसके चालक की पहचान की जा सके. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही बस को जब्त कर लिया जाएगा और दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़ें: ‘धुरंधर’ का इंटरनेशनल खुमार! मार्क कार्नी संग मॉर्निंग वॉक के दौरान फिल्म पर क्या बोले फिनलैंड के राष्ट्रपति? वीडियो वायरल

बुजुर्ग माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल

मोती कुमार अपने माता-पिता के सबसे छोटे बेटे थे और पूरे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी. उनके पीछे पत्नी, दो छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव वालों का कहना है कि मोती बेहद मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे. एक सरकारी सेवक की इस तरह असामयिक मौत ने विभाग के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल, पूरा गांव पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटा है, लेकिन माता-पिता की आंखों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

नवी मुंबई एयरपोर्ट से अब सफर होगा बेहद आसान, अडानी ग्रुप ने शुरू कीं ई-शिवाई बसें

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विंटर शेड्यूल से पहले सस्ती बसों, ऐप टैक्सियों और फ्री…

41 minutes ago

उमेश पाल हत्याकांड: UP पुलिस की रिमांड से बचा इनामी अरमान बिहारी, वापस गया बिहार जेल

उमेश पाल ट्रिपल मर्डर केस के 5 लाख के इनामी आरोपी अरमान बिहारी को प्रयागराज…

58 minutes ago

जब पीएम मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को दिया ‘देसी चीज़’ और कश्मीरी कला का अनूठा तोहफा, जानिए क्या है खास?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन को भारत की समृद्ध विरासत और…

1 hour ago

क्या CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुआ लाठीचार्ज?

सोशल मीडिया पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के नाम से एक…

1 hour ago

प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर भाजपा का मेगा शो, आईजीआई स्टेडियम में होगा भव्य कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी…

2 hours ago

दिल्ली में आवारा कुत्तों से राहत की तैयारी! दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- जनता को करेंगे जागरूक, यह एक आंदोलन बनेगा

दिल्ली हाई कोर्ट ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया तेज करने के…

2 hours ago