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NDA के भीतर फूटा असंतोष! BJP के 3 बड़े सहयोगियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ खोला मोर्चा, मांगी सफाई

SIR Controversy: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब एनडीए के भीतर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं. भारतीय जनता पार्टी के तीन सहयोगी दलों- चिराग पासवान की लोजपा (रा), उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM और चंद्रबाबू नायडू की TDP ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की मांग की है. तीनों दलों ने कहा है कि यह जनता के भरोसे से जुड़ा मामला है, इसलिए चुनाव आयोग को इस मामले में सामने आकर संदेह को दूर करना चाहिये.

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर जनता में लगातार सवाल उठ रहे हैं. इसलिए चुनाव आयोग को अपना पक्ष रखना चाहिये.

चिराग पासवान ने की पक्ष रखने की मांग

चिराग पासवान ने आगे कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है. इसलिए उसे अपना बचाव करने के लिए किसी भी सरकार की जरूरत नहीं है. लेकिन जनता के बीच उठ रहे सवालों को लेकर चुनाव आयोग, खासकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस बारे में अपना पक्ष रखना चाहिये.

उन्होंने कहा कि लोगों का चुनाव व्यवस्था से भरोसा उठना स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है. इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त को आगे आकर लोगों के मन में पैदा हुए संदेह को दूर करना चाहिये.

उपेंद्र कुशवाहा क्या बोले?

RLM अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी SIR पर उठ रहे सवाल को लेकर चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की मांग की. उन्होंने कहा कि SIR को लेकर उपजे विवाद से जनता के अंदर भ्रम की स्थिति बन रही है. इसलिए चुनाव आयोग को तत्काल स्पष्टीकरण जारी कर इसे खत्म करना चाहिये.

TDP ने पारदर्शिता पर उठाये सवाल

चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा के साथ आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) भी शामिल हो गई है. टीडीपी के संसदीय दल के नेता लावु श्री कृष्ण देवरायालु ने कहा कि आंध्र प्रदेश में SIR अच्छी तरह से हुआ. लेकिन चुनाव आयोग को इसपर स्पष्टीकरण देना चाहिये. ताकि चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आए.

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क्या है विवाद की जड़?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयोग के दो अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ऐसे फैसले लिये जो विवाद की जड़ बने. रिपोर्ट में बताया गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने कई फैसले उन दोनों की बिना सहमति या जानकारी से लिए. रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष ने हंगामा काट दिया. विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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