देश

सपनों का ‘पोस्टमार्टम’! NEET UG रद्द होने से टूटा छात्रों का हौसला; 2 साल की तपस्या, रातों की नींद…सब खा गया ‘पेपर लीक’?

3 मई को जिस उम्मीद के साथ लाखों छात्रों ने परीक्षा हॉल में कदम रखा था, वह उम्मीद अब मातम में बदल चुकी है. एनटीए (NTA) द्वारा नीट-यूजी 2026 की परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले ने उन सपनों की ‘हत्या’ कर दी है, जिन्हें छात्रों ने पिछले 2 सालों से आंखों में पाल रखा था.

इस बीच (NEET UG 2026 Exam Cancellation) वाराणसी समेत एष भर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के चेहरे पर गुस्सा कम और लाचारी ज्यादा नजर आ रही है. पेपर लीक की इस दीमक ने न केवल एक परीक्षा बल्कि लाखों परिवारों के भरोसे और निवेश को भी चाट लिया है.

2 साल का ‘वनवास’, 2 घंटे में खाक(NEET Exam Cancellation)

छात्र उत्सव पांडेय का दर्द देशभर के छात्रों की आवाज है. उन्होंने बताया कि इस एक दिन के लिए उन्होंने दो साल तक घर-परिवार से दूर रहकर ‘वनवास’ काटा. रात के 2-2 बजे तक जागकर किताबों में सिर खपाना, त्यौहारों से दूरी और हर वक्त का मानसिक तनावयह सब अब बेकार हो गया. उत्सव कहते हैं कि मेरा साल तो खराब हुआ ही, अब दोबारा तैयारी के लिए माता-पिता की आंखों में आंखें डालकर पैसे कैसे मांगू? उनके भी सपने इसी पेपर के साथ जल गए हैं.

 

आसान था पेपर, कठिन हो गया भविष्य

हरिओम सिंह जैसे कई छात्रों के लिए दुख की बात (student reaction on NEET Exam Cancellation) यह है कि इस बार पेपर काफी अच्छा हुआ था. आसान पेपर देखकर छात्रों को लगा था कि इस बार सफेद कोट और गले में स्टेथोस्कोप पहनने का सपना पूरा हो जाएगा. लेकिन एनटीए की खामियों ने खेल बिगाड़ दिया. हरिओम कहते हैं कि अंदर से सब टूट गया है. आगे क्या होगा, कैसे फिर से उसी ऊर्जा के साथ किताबों को हाथ लगाएंगे, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है.

ये भी पढ़ें: सबसे खूंखार खुफिया एजेंसी मोसाद का नया ‘बॉस’ कौन? जानिए रोमन गोफमैन पर नेतन्याहू के भरोसे का कारण

‘एनटीए’ का फेलियर या सिस्टम खराब?

छात्रों में इस बात को लेकर सबसे ज्यादा गुस्सा है कि नीट की गरिमा बार-बार तार-तार क्यों हो रही है? आईएसओ लेकर एक अन्य छात्र मयंक कुमार ने तीखा सवाल उठाया कि 2024 की गड़बड़ियों से सिस्टम ने क्या सीखा? रिजल्ट का इंतजार कर रहे छात्रों को ‘कैंसिलेशन’ का नोटिस थमा दिया गया. मयंक के मुताबिक, एनटीए अब बस खानापूर्ति करने वाली एजेंसी बनकर रह गई है, जिसे लाखों बच्चों के भविष्य से ज्यादा अपनी प्रक्रिया पूरी करने की चिंता है.

 

मां-बाप के पसीने की कोई कीमत नहीं?(student reaction on Exam Cancellation)

एक मध्यमवर्गीय परिवार जब अपने बच्चे को कोचिंग के लिए शहर भेजता है, तो वह अपनी पूरी जमा-पूंजी दांव पर लगा देता है. परीक्षा रद्द होने का मतलब सिर्फ छात्रों का दोबारा एग्जाम देना नहीं है बल्कि किराए के कमरे का बोझ, कोचिंग की फीस और माता-पिता के संघर्ष का एक और साल बढ़ जाना है. वाराणसी के घाटों पर बैठे कई छात्र आज शून्य में ताक रहे हैं, क्योंकि सिस्टम की एक ‘लीक’ ने उनकी दो साल की ‘तपस्या’ को पानी-पानी कर दिया है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

 

Rohit Agrawal

Recent Posts

1 मिनट में 17 हजार फीट नीचे आया विमान, भारतीय पायलट ने ऐसे लड़ते हुए संभाली प्लेन और बचा ली 180 जिंदगियां!

Flydubai Hijacking: विमान के ओमानी को-पायलट ने मुख्य पायलट स्मित मचार पर चाकू से हमला…

30 minutes ago

सर्दियों से पहले दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर सख्ती, बिना PUC सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल-CNG

CAQM Pollution Action Plan: दिल्ली-NCR में सर्दी आते ही प्रदूषण का ग्राफ बढ़ जाता है,…

50 minutes ago

बड़ा देश, बड़ी आबादी… क्या छोटे राज्यों से सुधरेगा देश का प्रशासन?

भारत में बड़े राज्यों के आकार और प्रशासनिक क्षमता को लेकर बहस लंबे समय से…

55 minutes ago

दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज में धूमधाम से हुआ हिंदी माह 2026 का समापन, गजल की प्रस्तुति ने मोहा मन

शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय की राजभाषा समिति एवं बी.ए. प्रोग्राम विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में…

1 hour ago

सिर्फ कलाकृति नहीं, सांस्कृतिक पहचान हैं ये रंग! दिल्ली में सजी ‘रंगमंजूषा’ प्रदर्शनी, Bharat Express पर संस्कार भारती की झलक

Sanskar Bharati Art Exhibition: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संस्कार भारती द्वारा आयोजित पांच दिवसीय 'रंगमंजूषा'…

2 hours ago