LPG Black Marketing Delhi
LPG Black Marketing Delhi: देशभर में रसोई गैस की किल्लत और गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों की खबरों के बीच राजधानी दिल्ली से LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है. सरकार लगातार दावा कर रही है कि गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है.
भारत एक्सप्रेस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने इस पूरे मामले की पड़ताल की. जांच में सामने आया कि दिल्ली के कई इलाकों में घरेलू LPG सिलेंडर खुलेआम ब्लैक में बेचे जा रहे हैं. इतना ही नहीं, सिलेंडरों में गैस चोरी का खेल भी चल रहा है.
दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत करीब 913 रुपये है, लेकिन कालाबाजारी करने वाले लोग इसी सिलेंडर के लिए 2 हजार से लेकर 3,500 रुपये तक वसूल रहे हैं.
भारत एक्सप्रेस के अंडरकवर रिपोर्टर जब दिल्ली की झिलमिल कॉलोनी पहुंचे तो वहां नंदी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़े एक कर्मचारी ने घरेलू गैस सिलेंडर के बदले 3 हजार रुपये मांगे.
हैरानी की बात यह रही कि जिस समय यह पूरा खेल चल रहा था, उसी दौरान गैस एजेंसी के बाहर दिल्ली पुलिस के जवान भी मौजूद थे. बावजूद इसके, कालाबाजारी बेखौफ जारी थी. आरोपी कर्मचारी ने साफ कहा कि सिलेंडर की डिलीवरी कब होगी, यह वही तय करेगा.
इसके बाद टीम दिल्ली गेट इलाके में पहुंची. यहां जसप्रीत गैस सर्विस के कर्मचारियों ने घरेलू सिलेंडर के लिए 1800 से 2 हजार रुपये तक की मांग की. वहीं एक कर्मचारी ने दो सिलेंडरों के लिए 5400 रुपये मांगे.
यह इलाका दिल्ली सरकार के सचिवालय और खाद्य एवं रसद विभाग के मुख्यालय से ज्यादा दूर नहीं है, लेकिन इसके बावजूद यहां खुलेआम ब्लैक मार्केटिंग चलती दिखाई दी.
जांच आगे बढ़ी तो टीम गीता कॉलोनी पहुंची. यहां गांधीनगर गैस सर्विस से जुड़े कर्मचारी ने बताया कि 3500 रुपये से कम में सिलेंडर नहीं मिलेगा. यानी बिना बुकिंग के गैस चाहिए तो लोगों को तय कीमत से करीब ढाई हजार रुपये ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं.
यमुना बाजार इलाके में जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ. यहां मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि घरेलू सिलेंडर 1800 से 2 हजार रुपये में बेचे जा रहे हैं और कई सिलेंडरों में 3-3 किलो गैस कम होती है.
यानी सिर्फ कालाबाजारी ही नहीं, बल्कि गैस चोरी का खेल भी साथ-साथ चल रहा है. वहीं भारत एक्सप्रेस की टीम नंदनगरी के मंडोली गांव भी पहुंची, जहां कई गैस एजेंसियों के गोदाम मौजूद हैं. यहां एक व्यक्ति ने 2500 रुपये में कभी भी गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात कही.
पूरी जांच के दौरान सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि आखिर पुलिस और संबंधित विभागों की मौजूदगी के बावजूद यह खेल कैसे चल रहा है. एक तरफ सरकार गैस की कमी से इनकार कर रही है, वहीं दूसरी तरफ एजेंसियों के कर्मचारी और मुनाफाखोर लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर जमकर कमाई कर रहे हैं.
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अब जरूरत है कि पेट्रोलियम मंत्रालय, दिल्ली सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करे, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके.
-भारत एक्सप्रेस
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