महाराष्ट्र के शिक्षाविद, समाजसेवी और पूर्व राज्यपाल पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल का मंगलवार को कोल्हापुर में निधन हो गया. उनके जाने की खबर सामने आते ही शिक्षा जगत, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. वर्षों तक शिक्षा और जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले डॉ. पाटिल ने अपने काम से लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया. उनके निधन पर देश के कई बड़े नेताओं ने दुख जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. डीवाई पाटिल ने अपना पूरा जीवन शिक्षा और समाज सेवा के लिए समर्पित किया. उन्होंने विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया. प्रधानमंत्री ने लिखा कि उनके निधन की खबर बेहद दुखद है. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए परिवार और उनके चाहने वालों के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी डॉ. पाटिल के निधन पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के पूर्व राज्यपाल के रूप में डॉ. पाटिल ने सार्वजनिक जीवन में अहम भूमिका निभाई. शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयास और देश निर्माण में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा. उन्होंने शोक संतप्त परिवार और उनके लाखों समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त की.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि डॉ. डीवाई पाटिल ने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा में लगाया. उनके द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थानों ने न केवल हजारों बल्कि पीढ़ियों के युवाओं को बेहतर शिक्षा और भविष्य का अवसर दिया. उन्होंने कहा कि देश के विकास में उनका योगदान हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा.
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद पंकज चौधरी ने भी सोशल मीडिया पर शोक संदेश साझा किया. उन्होंने लिखा कि डॉ. डीवाई पाटिल का निधन बेहद दुखद है. महाराष्ट्र के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार व शुभचिंतकों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान हो.
कोल्हापुर के कस्बा बावड़ा स्थित डॉ. डीवाई पाटिल के निवास पर अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. राजनीतिक दलों के नेता, शिक्षाविद, समाजसेवी, छात्र और आम नागरिक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं. हर कोई उनके शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद कर रहा है. डॉ. डीवाई पाटिल का जीवन इस बात का उदाहरण माना जाएगा कि शिक्षा और सेवा के माध्यम से समाज में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है. उनके निधन से देश ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी पहचान केवल एक शिक्षाविद या राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि समाज के हित में लगातार काम करने वाले प्रेरणादायी व्यक्ति के रूप में भी हमेशा बनी रहेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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