Patna Bihta Sanjay Yadav Murder: बिहार की राजधानी पटना से सटे बिहटा इलाके से इस वक्त की एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी आपराधिक वारदात सामने आई है. बिहटा के राघोपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजय यादव की अज्ञात अपराधियों ने बेरहमी से हत्या कर दी है. शुक्रवार की सुबह राघोपुर गांव स्थित एक बोरिंग के पास पूर्व मुखिया का लहूलुहान शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते सनसनी फैल गई.
इस मर्डर की खबर आग की तरह फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और उनके समर्थक मौके पर जमा हो गए. पूर्व मुखिया की हत्या से पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल व्याप्त है और कानून व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.
घटना की जानकारी मिलते ही बिहटा थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. लेकिन पूर्व मुखिया की हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी. गुस्से से लाल प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की और पटना-औरंगाबाद मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया. इस महाजाम के कारण हाईवे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई और गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. प्रदर्शन कर रहे लोग हत्यारों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की मांग पर अड़े हुए हैं.
इस बीच, मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब मृतक संजय यादव की बहन ने पुलिस प्रशासन पर ही बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगा दिए. उनका साफ कहना है कि उनके भाई की हत्या में पुलिस की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए क्योंकि पुलिस के रवैये और कार्रवाई के कारण ही यह वारदात हुई है.
हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही पुलिस की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया आई है. मौके पर स्थिति को देखते हुए फॉरेंसिक (FSL) की टीम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी साक्ष्य जुटाने पहुंच चुके हैं. गौरतलब है कि मृतक संजय यादव का भी पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और कुछ समय पहले पुलिस ने उनके घर पर छापेमारी की थी, जिसमें वे फरार पाए गए थे.
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पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल हत्या के असली कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और पुरानी रंजिश सहित तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से जांच की जा रही है.
इलाके में फैले भारी जनाक्रोश और तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पूरे राघोपुर गांव और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर हाईवे खाली कराने और शांति व्यवस्था बहाल करने की कोशिशों में जुटी हुई है.
-भारत एक्सप्रेस
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