इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में अपनी कूटनीति का परचम लहराने के बाद, पीएम नरेंद्र मोदी अपने इंडो-पैसिफिक महा-दौरे के आखिरी पड़ाव, न्यूजीलैंड (New Zealand) पहुंच चुके हैं. 40 साल के लंबे इंतजार के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐतिहासिक होने जा रहा है. न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के खास निमंत्रण पर ऑकलैंड पहुंचे पीएम मोदी का 2 दिनों का यह ‘मेगा-प्लान’ चीन की नींद उड़ाने के लिए काफी है.
ऑकलैंड में द्विपक्षीय वार्ता और ‘सुपर-ग्रांड’ वेलकम
इस दौरे का मुख्य केंद्र ऑकलैंड शहर है. यहां दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच एक बड़ी द्विपक्षीय वार्ता होगी. पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने पीएम मोदी के पहुंचने से पहले ही सोशल मीडिया (X) पर रेड कार्पेट बिछाते हुए लिखा था कि कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और न्यूजीलैंड की समृद्धि के लिए बेहद जरूरी है.” ऑकलैंड में रक्षा, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी को लेकर भारत अपना दबदबा कायम करेगा.
क्या है 2 दिनों का ‘मेगा-प्लान’?
पीएम मोदी के इस 10-11 जुलाई के न्यूजीलैंड दौरे का मेगा-प्लान पूरी तरह से ‘एक्ट ईस्ट’ (Act East) पॉलिसी पर आधारित है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बड़ा गठबंधन तैयार करना. ऑकलैंड में मौजूद हजारों प्रवासी भारतीयों के एक विशाल जनसमूह को संबोधित करना. साफ है, इतिहास में 4 दशकों बाद न्यूजीलैंड की धरती पर पीएम मोदी का यह कदम ग्लोबल पॉलिटिक्स का सबसे बड़ा गेम-चेंजर बनने वाला है.
डायस्पोरा और खेल जगत का तड़का
इस 2 दिवसीय (10-11 जुलाई) ऐतिहासिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी अपनी चिर-परिचित शैली में भारतीय प्रवासियों (Indian Diaspora) के एक बड़े कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे. इसके अलावा, न्यूजीलैंड की कई बड़ी खेल हस्तियों से भी उनकी खास मुलाकात तय है. साफ है, 40 साल बाद न्यूजीलैंड की धरती पर पीएम मोदी का यह कदम भारत को ग्लोबल इकोनॉमी का असली ‘सुपर-बॉस’ बनाने की सबसे बड़ी गारंटी है.
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