पटना की सड़कों पर फिर हुआ बवाल! बैरिकेड टूटे, वाटर कैनन चला
Patna Protest: पटना में सोमवार को एक बार फिर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और छात्र संगठन सड़कों पर उतर आए. गांधी मैदान से शुरू हुआ राजभवन मार्च देखते ही देखते टकराव में बदल गया. हजारों प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़े और जेपी गोलंबर से डाकबंगला चौराहा तक पहुंच गए. इसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
इस प्रदर्शन को लेकर पटना पुलिस पहले से ही पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी थी. डाकबंगला चौराहे से लेकर आसपास के इलाकों तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. हालात बिगड़ने की आशंका के बीच वाटर कैनन और टियर गैस की भी व्यवस्था की गई थी.
कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े विभिन्न जनसंगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत कई मुद्दों को लेकर राजभवन मार्च का आह्वान किया था. गांधी मैदान से निकली भीड़ जब आगे बढ़ी तो पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उनका रास्ता रोक दिया. लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं रुके. छात्र संगठनों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ना शुरू कर दिया. जिसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई.
मौके पर पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, सिटी एसपी वेस्ट संकेत कुमार, सिटी एसपी ईस्ट शैलजा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. हालात को देखते हुए लगातार अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया.
सबसे ज्यादा तनाव डाकबंगला चौराहे पर देखने को मिला. प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़े रहे, जबकि पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश करती रही. देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई और माहौल गर्मा गया.
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की. लेकिन जब भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं हुई तो वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया. पानी की तेज बौछारों के बीच भी कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारे लगाते रहे.
पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर कई महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. मौके पर पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को पकड़कर वहां से हटाते नजर आए. कई लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों से ले जाया गया.
प्रदर्शनकारियों की मांगों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठ रहे सवाल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई, टाउनशिप परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण का विरोध और बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत नहीं पहुंचने जैसे मुद्दे शामिल रहे.
इस मार्च में छात्र संगठनों के साथ किसान और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और बिहार सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
वाटर कैनन चलने के बाद भी प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम होता नहीं दिखा. कुछ लोग पानी की बौछारों के बीच बैरिकेडिंग और ई-रिक्शा पर चढ़कर नारे लगाते रहे. कई प्रदर्शनकारी गीत गाते और झूमते हुए भी नजर आए.
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फिलहाल डाकबंगला चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात है. पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने में जुटी हुई है और पूरे इलाके की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. पटना के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर राजधानी की सड़कों पर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है.
भारत एक्सप्रेस के लिए पटना से आशुतोष की रिपोर्ट
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