केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योग जगत को साफ संदेश दिया है कि अब छोटी उपलब्धियों पर खुश होने का समय नहीं है. उनका कहना है कि अगर भारत को दुनिया के बड़े व्यापारिक देशों की कतार में खड़ा होना है, तो सिर्फ 5 से 10 फीसदी निर्यात बढ़ने को बड़ी सफलता मानने की सोच बदलनी होगी. उन्होंने उद्योगों से बड़े लक्ष्य तय करने और वैश्विक बाजार में आक्रामक तरीके से अपनी मौजूदगी बढ़ाने की अपील की.
लंदन में आयोजित एक बिजनेस प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारतीय कंपनियों में क्षमता की कोई कमी नहीं है, लेकिन अक्सर वे सीमित लक्ष्य बनाकर ही संतुष्ट हो जाती हैं. उनके मुताबिक, दुनिया का कुल व्यापार हर साल करीब 4 से 5 फीसदी की दर से बढ़ता है. ऐसे में अगर भारत का निर्यात भी उसी रफ्तार से आगे बढ़े, तो इसे असाधारण उपलब्धि नहीं कहा जा सकता.
उन्होंने कहा कि कई बार उद्योग जगत अपने “कंफर्ट ज़ोन” में रहकर मामूली बढ़ोतरी को ही बड़ी उपलब्धि मान लेता है. लेकिन अगर भारत को वैश्विक व्यापार में अपनी मजबूत पहचान बनानी है, तो सोच और रणनीति दोनों को बड़े स्तर पर बदलना होगा.
पीयूष गोयल ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम जैसे बड़े बाजार में भारत ने अब तक अपनी वास्तविक क्षमता का केवल छोटा हिस्सा ही हासिल किया है. उन्होंने भारतीय कंपनियों से उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक और मशीनीकरण अपनाने, उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, मजबूत ब्रांड तैयार करने और बेहतर पैकेजिंग पर ध्यान देने की सलाह दी. उनका मानना है कि इन क्षेत्रों में सुधार करके भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं.
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भारत लगातार कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) कर रहा है, जिससे निर्यातकों के लिए नए बाजार खुल रहे हैं. उनका कहना था कि इन समझौतों का पूरा फायदा तभी मिलेगा, जब भारतीय कंपनियां छोटे लक्ष्य छोड़कर बड़े स्तर पर कारोबार बढ़ाने की तैयारी करें.
उन्होंने बताया कि ब्रिटेन का कुल वस्तु और सेवा व्यापार करीब 900 अरब पाउंड का है, जबकि भारत और ब्रिटेन के बीच मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार लगभग 45 से 60 अरब पाउंड के बीच है. इससे साफ है कि इतनी बड़ी अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी अभी भी काफी कम है और इसे बढ़ाने की पर्याप्त गुंजाइश मौजूद है.
पीयूष गोयल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है. माना जा रहा है कि इस समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के कारोबारियों को बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी, व्यापारिक बाधाएं कम होंगी और नए निवेश व निर्यात के अवसर पैदा होंगे.
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भारत एक्सप्रेस
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