पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर में शनिवार का दिन किसानों के लिए खास रहा. यहां आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के करोड़ों किसानों को बड़ी सौगात दी. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी कर दी गई, जिसके तहत देशभर के 9.44 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजे गए.
इस बार भी राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की गई, जिससे बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं रहती और पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचता है. इस किस्त में कुल मिलाकर 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम किसानों के खातों में भेजी गई है.
इस ताज़ा किस्त के बाद पीएम-किसान योजना के तहत अब तक किसानों को दी गई कुल सहायता 4.28 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को भी पार कर चुकी है. यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजनाओं में गिनी जाती है, जिसका मकसद छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक मजबूती देना है.
योजना के तहत हर पात्र किसान परिवार को साल में 6,000 रुपये की मदद दी जाती है. यह रकम 2,000-2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में हर चार महीने के अंतराल पर सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है.
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ सहायता देने पर नहीं, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने पर भी है. इसके लिए कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नए तरीकों और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. सरकार का दावा है कि आने वाले समय में इन प्रयासों से खेती को और ज्यादा लाभकारी बनाया जाएगा.
यह भी कहा गया कि केंद्र सरकार लगातार किसानों के कल्याण और कृषि विकास से जुड़ी योजनाओं को मजबूत कर रही है, ताकि गांव और खेती दोनों की तस्वीर बदली जा सके.
इसी कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के लिए कई नई विकास परियोजनाओं का भी ऐलान और शुभारंभ किया गया. इनमें रेलवे, सड़क, मत्स्य पालन, पशुपालन और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं.
पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर में हुए इस कार्यक्रम के दौरान हावड़ा और राधामोहनपुर को जोड़ने वाले नए पुल, एक नए रेलवे मंडल, रेलवे अस्पताल और ग्रामीण सड़कों के विकास जैसी परियोजनाओं की शुरुआत की गई. इसके अलावा मछुआरों के लिए फ्रेजरगंज में फिशिंग हार्बर और बीरभूम में आधुनिक मछली बाजार जैसी सुविधाओं का भी ऐलान हुआ.
कार्यक्रम में कृषि को लेकर भी कई नई योजनाएं लॉन्च की गईं. इनमें डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना प्रमुख हैं. इनका उद्देश्य खेती में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और किसानों की उत्पादकता में सुधार लाना है.
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-भारत एक्सप्रेस
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