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PM Kisan yojana

केंद्र सरकार किसानों के हितों के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है. इसी में एक योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि है, जिसकी सराहना करते हुए लाभार्थियों ने कहा कि यह अन्‍नदाताओं के लिए बहुत लाभदायक है.

बिहार में फार्मर आईडी न होने की वजह से लाखों किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. पीएम किसान सम्मान निधि और अन्य योजनाओं का लाभ पाने के लिए डिजिटल पहचान होना अनिवार्य कर दिया गया है.

PM Kisan Yojana eligibility: पीएम किसान सम्मान निधि योजना में एक ही जमीन पर खेती करने वाले पिता-बेटे या दो भाइयों को लाभ मिलेगा या नहीं, इसे लेकर किसानों में अक्सर भ्रम रहता है. योजना के नियमों के मुताबिक, परिवार, भूलेख, सह-खातेदार और अलग राशन कार्ड के आधार पर ही पात्रता तय की जाती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी कर दी है.

पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त आज जारी हुई, 9.3 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 18,640 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. पीएम मोदी ने गुवाहाटी से किया रिलीज, सालाना 6,000 रुपये की मदद किसानों को दी जा रही.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने वाराणसी से पीएम-किसान योजना की 20वीं किस्त जारी की, 9.7 करोड़ किसानों को 20,500 करोड़ रुपये सीधे खातों में मिले. किसानों ने योजना को खेती के लिए संबल बताया...

PM Kisan 20th Installment: पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त आज, 2 अगस्त को जारी होने के साथ ही लाभार्थी किसानों के खाते में 2000 रुपये आ जाएंगे. ऐसे में चलिए आपको बताते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कितने बजे पीएम किसान सम्मान योजना की 20वीं किस्त जारी करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को वाराणसी दौरे पर रहेंगे, जहां वे लगभग 2200 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. इसमें सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, विद्युत, जल आपूर्ति और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं.

PM Kisan Yojana: पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त से पहले नोडल अधिकारी नियुक्त, ई-केवाईसी सरल. किसानों को राहत, जून 2025 में किस्त संभावित. MSMEs के लिए बीमा जरूरी.

डीबीटी स्कीम के जरिए केंद्र सरकार ने अब तक 43.3 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर किए हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी और लीकेज में भारी कमी आई है.