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PM Modi Address: ‘पहले बेंगलुरु का सामान यूरोप से होकर पहुंचता था हैदराबाद,’ पीएम ने बताई GST सुधारों की अहमियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्र को संबोधित (PM Modi Address) करते हुए देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि रविवार से शक्ति की उपासना का पर्व नवरात्रि का आरंभ हो रहा है. आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं. नवरात्रि के पहले दिन से देश आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए एक और महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठा रहा है. नवरात्रि के प्रथम दिवस 22 सितंबर को सूर्योदय के साथ ही नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू हो जाएंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि ये सुधार भारत की विकास यात्रा को तेज करेंगे, व्यापार करने में आसानी बढ़ाएंगे, अधिक निवेश आकर्षित करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि देश के विकास में हर राज्य बराबर का भागीदार बने. उन्होंने कहा कि जब साल 2017 में भारत ने जीएसटी रिफॉर्म की ओर कदम बढ़ाया था, तब एक पुराना इतिहास बदलने और नया इतिहास रचने की शुरुआत हुई थी.

दशकों तक जनता और व्यापारी अलग-अलग टैक्स के जाल में उलझे हुए थे. उस वक्त हमारे देश में अलग-अलग दर्जनों टैक्स थे. उन्होंने कहा कि उस वक्त एक शहर से दूसरे शहर माल भेजने के लिए न जाने कितने चेकपोस्ट पार करने पड़ते थे, कितने फॉर्म भरने पड़ते थे और कितनी सारी रुकावटें थीं. हर जगह टैक्स के अलग-अलग नियम थे. मुझे याद है कि जब साल 2014 में देश ने प्रधानमंत्री पद का दायित्व सौंपा था, तब उसी शुरुआत के दौर में एक विदेशी अखबार में एक दिलचस्प उदाहरण छपा था, उसमें एक कंपनी की मुश्किलों का जिक्र था.

उस कंपनी ने कहा था कि उसे बेंगलुरु से 570 किलोमीटर दूर हैदराबाद अपना सामान भेजने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था, क्योंकि कंपनी पहले अपना सामान बेंगलुरु से यूरोप भेजती थी और फिर वही सामान यूरोप से हैदराबाद पहुंचता था.

पीएम मोदी ने फ्रांसीसी अखबार से दिया उदाहरण

पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए वर्ष 2014 से पहले एक फ्रांसीसी कंपनी के लिए बेंगलुरु से हैदराबाद (570 किमी दूर) तक सामान सीधे भेजे जाने का जिक्र किया. उन्होंने जीएसटी सुधारों (GST 2.0) के लॉन्च के अवसर पर पुरानी टैक्‍स व्यवस्था की जटिलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 से पहले एक फ्रांसीसी कंपनी के लिए बेंगलुरु से हैदराबाद (570 किमी दूर) तक सामान सीधे भेजने से सस्ता पड़ता था कि उसे पहले यूरोप भेजा जाए और फिर यूरोप से हैदराबाद वापस लाया जाए.

यह फ्रांसीसी अखबार की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें सड़क, रेल और करों की अव्यवस्था के बारे में लिखा गया था. फ्रांसीसी समाचार पत्र के अनुसार, कभी-कभी बंगलोर से हैदराबाद 570 किमी दूर तक पार्ट्स भेजने का सबसे किफायती तरीका यूरोप से भेजना और फिर यूरोप से हैदराबाद वापस भेजना होता था. चूंकि अधिकांश माल सड़क मार्ग से यात्रा करता है और रेलवे भी भीड़ से भरे हैं, कम लोग इस बात पर संदेह करते हैं कि इस अव्यवस्था को ठीक करने के आर्थिक लाभ होंगे.

वर्तमान में भारतीय निर्माताओं के लिए रसद लागत अक्सर पूरी मजदूरी बिल से अधिक होती है- वस्त्रों के मामले में दोगुनी से भी अधिक – और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बिक्री का प्रतिशत बहुत अधिक है. विश्व बैंक का कहना है कि सड़क अवरोधों और अन्य रुकावटों के कारण देरी को आधा करने से माल ढुलाई का समय 20-30 प्रतिशत और रसद लागत 30-40 प्रतिशत कम हो सकती है.

पीएम मोदी ने इसे ‘बचत उत्सव’ (GST Bachat Utsav) के रूप में पेश किया, जो नवरात्रि की पूर्व संध्या पर लागू हो रहा है. उन्होंने कहा कि जीएसटी ने ‘एक राष्ट्र, एक बाजार’ की मजबूती दी है, जिससे माल की आवाजाही आसान हुई, लागत घटी और उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचा. यह सुधार लग्जरी और सिन गुड्स पर 40% क्षतिपूर्ति सेस के साथ 99% वस्तुओं पर टैक्स स्लैब को 5% और 18% में समायोजित करते हैं.

देश को टैक्स के जंजाल से निकाला

संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टैक्स और टोल के जंजाल की वजह से ये तब के हालात थे और मैं आपको सिर्फ एक पुराना उदाहरण याद दिला रहा हूं. तब ऐसी लाखों कंपनियां और लाखों-करोड़ों देशवासी थे जिनको अलग-अलग टैक्स की वजह से रोज परेशानियां होती थीं. सामान को एक शहर से दूसरे शहर पहुंचने के बीच जो खर्च बढ़ते थे, वो भी गरीब को उठाने पड़ते थे. वो आप जैसे ग्राहकों से वसूला जाता था. देश को इस स्थिति से निकालना बहुत जरूरी था. जब आपने 2014 में हमें मौका दिया तो हमने जनहित और देशहित में जीएसटी को अपनी प्राथमिकता बनाई.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सुधार एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है जो समय और देश की जरूरतों के साथ बदलती रहती है. देश की तरक्की के साथ, नई पीढ़ी के सुधार जरूरी हो जाते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए और वर्तमान जरूरतों और भविष्य की आकांक्षाओं को देखते हुए, जीएसटी सिस्टम में नए सुधार किए गए. नए सिस्टम में सिर्फ 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत टैक्स स्लैब लागू होंगे, जिससे रोजमर्रा की जरूरी चीजें सस्ती हो सकेंगी.


ये भी पढ़ें: VIDEO: देश को संबोधित करते हुए बोले PM मोदी- ‘वन नेशन-वन टैक्स’ का सपना हुआ साकार, नवरात्र से मनाएं GST बचत उत्सव


-भारत एक्सप्रेस

Md Shadan Ayaz

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