देश

खेलो इंडिया और खेल महासंघों को मजबूत करने के लिए 36,000 करोड़ रुपए से अधिक आवंटित- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और शानदार प्रदर्शन की सराहना की. साथ ही, देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं और भविष्य के लक्ष्यों पर भी बात की. पीएम मोदी ने बताया कि खेलों के विकास, ‘खेलो इंडिया’ योजना के विस्तार और खेल महासंघों को मजबूत बनाने के लिए 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है.

खेलों के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने खेलों के क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए लगातार काम किया है. सरकार की कोशिश रही है कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलें और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए सही मंच उपलब्ध हो. इसी दिशा में टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) और खेलो इंडिया जैसी योजनाएं शुरू की गईं. समय के साथ इनका दायरा भी बढ़ाया गया है.

पीएम मोदी के मुताबिक, देशभर में अब 1,000 से ज्यादा खेलो इंडिया केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं. इन केंद्रों के जरिए स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं. सरकार का जोर ऐसे खेल इकोसिस्टम को तैयार करने पर है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए जरूरी मदद मिल सके.

उन्होंने कहा कि पहले अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भारत की भागीदारी सीमित रहती थी. कई खेलों में तो भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी तक देखने को नहीं मिलती थी. लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. अलग-अलग खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ी है और वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं.

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने जीते 85 मेडल

जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 85 पदक अपने नाम किए. इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा. भारतीय दल ने 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल जीते.

इस उपलब्धि ने एक बार फिर दिखाया कि भारत में अलग-अलग खेलों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के मौके मिल रहे हैं. खिलाड़ियों के प्रदर्शन की चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने खास तौर पर युवा खिलाड़ियों का जिक्र किया, जिन्होंने कम उम्र में ही अपनी काबिलियत साबित की.

कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर रहे युवा खिलाड़ी

भारतीय दल में कई ऐसे खिलाड़ी भी शामिल थे, जिनकी उम्र महज 15 से 17 साल के बीच थी. इनमें 15 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल रहे, जिन्होंने भारत को गोल्ड मेडल दिलाने में योगदान दिया.

प्रधानमंत्री ने युवा खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में उन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया और लोगों का दिल जीता है. उनके मुताबिक, किसी भी खिलाड़ी की सफलता के रास्ते में उम्र बाधा नहीं बननी चाहिए. जरूरी यह है कि प्रतिभा को सही समय पर पहचाना जाए और उसे आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले.

इसी सोच के तहत देश के गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचकर युवा प्रतिभाओं की पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि इन खिलाड़ियों को अभी से तराशने और बेहतर प्रशिक्षण देने की कोशिश की जा रही है, ताकि आने वाले वर्षों में वे भारत के लिए बड़े टूर्नामेंटों में पदक जीत सकें.

2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक पर नजर

भारत के खेल क्षेत्र में आगे की योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने आने वाले बड़े आयोजनों को लेकर भी बात की. उन्होंने 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक, 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 में ओलंपिक की मेजबानी हासिल करने के भारत के लक्ष्य का उल्लेख किया.

पीएम मोदी ने कहा कि इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अभी से तैयारी करना जरूरी है. उन्होंने लाल किले से प्रतिभा खोज अभियान को लेकर कही गई अपनी बात का जिक्र करते हुए बताया कि देशभर में युवा खिलाड़ियों की पहचान करने और उन्हें बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

भारत के सामने बड़े लक्ष्य हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए खिलाड़ियों की मेहनत, बेहतर प्रशिक्षण और मजबूत खेल सुविधाएं अहम भूमिका निभाएंगी. अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन हासिल करने के लिए खेलों से जुड़ा पूरा ढांचा मजबूत करना भी जरूरी होगा.

‘जो खेलता है, वही खिलता है’

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेल का असर सिर्फ मैदान और पदकों तक सीमित नहीं रहता. खेल से मिलने वाला अनुशासन, मेहनत करने की आदत और हार के बाद दोबारा उठ खड़े होने का हौसला जिंदगी के हर मोड़ पर काम आता है.

उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों से इसी जज्बे के साथ आगे बढ़ते रहने की अपील की. पीएम मोदी ने कहा कि देश का सपना है कि हर मैदान पर तिरंगे का सम्मान बढ़े, नए चैंपियन सामने आएं और भारतीय खिलाड़ी नए रिकॉर्ड बनाएं.

यह भी पढ़ें-‘आपसे कुछ नहीं हो रहा है तो इस्तीफा दे दीजिए’, राघोपुर में तेजस्वी यादव पर लोगों का फुटा गुस्सा

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

हापुड़ में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ पोस्टर वॉर! जानें ‘यूपी में प्रवेश वर्जित’ लिखकर किसने दी खुली चुनौती?

Dhirendra Shastri Hapur Controversy: धीरेंद्र शास्त्री के कथित बयान को लेकर हापुड़ में विरोध तेज…

17 minutes ago

‘लोकतंत्र तभी मजबूत जब जनादेश का सम्मान हो’, गाजियाबाद में CM योगी ने INDIA गठबंधन पर निशाना

गाजियाबाद में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और…

55 minutes ago

‘IAS अफसरों जैसा DA और विज्ञापनों पर रोक’: हाई कोर्ट के कड़े तेवरों के बीच सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मुख्य सचिव

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को राहत देते हुए हाई कोर्ट…

1 hour ago

‘जेल में ही मर जाऊंगा…’ आजम खान की गुहार पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाईकोर्ट को दिया बड़ा निर्देश

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट से 16 नवंबर…

1 hour ago