PM Modi Breakfast Meeting Highlights: संसद के वर्तमान सत्र और देश के बदले राजनीतिक परिदृश्य के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘ब्रेकफास्ट मीटिंग’ मॉडल एक बार फिर जबरदस्त चर्चा में है. हाल ही में पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर बने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसदों के साथ-साथ राज्यसभा के नए चुने गए एनडीए (NDA) सांसदों से चाय-नाश्ते पर एक महत्वपूर्ण मुलाकात की.
पहली नजर में यह केवल एक शिष्टाचार या औपचारिक बैठक लग सकती है, लेकिन इसके कूटनीतिक और राजनीतिक मायने बेहद गहरे हैं. आइए समझते हैं कि नए सांसदों और एनडीए के इन प्रमुख सहयोगियों के लिए यह ‘ब्रेकफास्ट मीटिंग’ क्यों और कितनी खास थी?
गठबंधन की राजनीति में सहयोगियों के साथ परस्पर विश्वास और सम्मान बनाए रखना बेहद अहम होता है. पीएम मोदी ने बैठक के दौरान सांसदों में नया विश्वास जगाते हुए कहा कि
“एनडीए एक परिवार है. हम हर घटक पार्टी के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं.”
विशेष रूप से तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर NCPI में शामिल हुए नए सांसदों और शिवसेना शिंदे गुट के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी सांसद को चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि वे केवल किसी एक पार्टी के नेता नहीं, बल्कि एनडीए के हर एक सांसद के साथ खड़े हैं. केंद्र सरकार में हर सहयोगी का सम्मान किया जाएगा और सभी को समान अवसर दिए जाएंगे.
पीएम मोदी ने बैठक में शामिल नए और पहली बार चुनकर आए सांसदों को संसदीय प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि संसद के समृद्ध इतिहास और पुरानी बहसों के मैटेरियल को पढ़िए, समझिए और तैयारी के लिए उसका इस्तेमाल कीजिए.
इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि संसद की बहसों और चर्चाओं (Debates) में पूरी तैयारी के साथ उतरिए और खुलकर अपनी बात रखिए. अपने-अपने राज्यों और संसदीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाइए, क्योंकि जब राज्य आगे बढ़ेंगे तभी देश आगे बढ़ेगा.
ये भी पढ़ें: ऑनलाइन शॉपिंग में हो रहा बड़ा खेल! इन 9 बड़े ऐप्स पर सरकार ने ठोका तगड़ा जुर्माना
नए सांसदों के लिए प्रधानमंत्री से सीधे जुड़ने और अपने क्षेत्र के मुद्दों को उन तक पहुंचाने का यह बेहतरीन मंच रहा. सांसद अपने क्षेत्र की जनता को यह साफ संदेश देने में सफल रहे हैं कि उनकी आवाज, समस्याएं और अपेक्षाएं सीधे देश के शीर्ष नेतृत्व के केंद्र में हैं. ऐसे में यह बैठक मौजूदा सत्र और आने वाले सत्रों के साथ ही संभावित विशेष सत्र के लिए काफी अहम है.
नई दिल्ली में आयोजित ‘सेवा संकल्प – राष्ट्रनिर्माण के 25 साल’ समारोह में सेवा, सद्भाव…
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी पत्नी नीलकंती पाटेकर चर्चा में हैं. जानिए मराठी…
दिल्ली हाईकोर्ट जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के…
Donald Trump On Nobel Peace Prize: नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के ऐलान से पहले डोनाल्ड…
France Violence: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि फ्रांस में जो कुछ हो रहा है,…
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश…