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भारत का सुरक्षा चक्र हुआ मजबूत: अग्नि-4 का सफल परीक्षण, 4000KM तक थर्राएंगे दुश्मन

Agni-4 Missile: भारत ने अपनी रणनीतिक रक्षा क्षमता को एक और बड़ा मजबूती भरा कदम देते हुए परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया है. यह परीक्षण 6 अगस्त 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया. रक्षा सूत्रों के मुताबिक मिसाइल ने उड़ान के दौरान तय किए गए सभी तकनीकी और परिचालन मानकों पर पूरी तरह खरा उतरते हुए अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया.

इस परीक्षण का संचालन स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (एसएफसी) की निगरानी में किया गया, जो भारत की परमाणु हथियार प्रणाली के संचालन की जिम्मेदारी संभालती है. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के सफल परीक्षण यह सुनिश्चित करते हैं कि मिसाइल प्रणाली हर समय पूरी तरह तैयार और भरोसेमंद बनी रहे.

4000KM तक दुश्मन की खैर नहीं

अग्नि-4 भारतीय मिसाइल कार्यक्रम की एक अहम कड़ी है. इसकी मारक क्षमता करीब 4,000 किलोमीटर मानी जाती है, जिससे यह लंबी दूरी पर मौजूद रणनीतिक लक्ष्यों तक सटीक पहुंच बनाने में सक्षम है. यह मिसाइल ठोस ईंधन तकनीक पर आधारित है, इसलिए इसे कम समय में तैयार कर लॉन्च किया जा सकता है. साथ ही इसे सड़क पर चलने वाले मोबाइल लॉन्चर से भी दागा जा सकता है, जिससे इसकी तैनाती अधिक लचीली और प्रभावी हो जाती है.

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) लगातार अग्नि श्रृंखला की मिसाइलों को आधुनिक तकनीकों से लैस कर रहा है. समय-समय पर किए जाने वाले परीक्षणों का उद्देश्य केवल नई उपलब्धि हासिल करना नहीं, बल्कि मौजूदा प्रणालियों की सटीकता, विश्वसनीयता और युद्धक क्षमता को परखना भी होता है.


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मौजूदा क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों और बदलते भू-राजनीतिक माहौल के बीच इस परीक्षण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह किसी विशेष देश या हालिया घटनाक्रम की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि नियमित सैन्य अभ्यास का हिस्सा है. अग्नि-4 की सफलता यह दिखाती है कि भारत स्वदेशी तकनीक के दम पर अपनी रक्षा प्रणाली को लगातार मजबूत बना रहा है और उसकी परमाणु निवारक क्षमता पूरी तरह सक्रिय, सक्षम और विश्वसनीय बनी हुई है.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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