PM Modi Fuel Saving Appeal effect: भारत की राजनीति में अक्सर काफिलों की लंबाई से रसूख नापा जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल और बिजली बचाने की अपील के बाद देश के रसूखदार नेताओं ने अपनी जीवनशैली में बड़ा बदलाव किया है. गृह मंत्री अमित शाह से लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक, हर कोई अब ‘कम ईंधन, ज्यादा बचत’ के मंत्र पर चल पड़ा है.
देश के दो सबसे ताकतवर नेता अमित शाह और जेपी नड्डा ने मिसाल पेश करते हुए अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 50% तक कम कर दी है. दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद तो एक कदम और आगे निकल गए; वे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहले मेट्रो में सवार हुए और फिर ई-रिक्शा लेकर स्कूल पहुँचे. यह संदेश साफ है कि जब काम सार्वजनिक परिवहन से हो सकता है, तो भारी-भरकम सरकारी गाड़ियों का धुआं क्यों उड़ाना?
मध्य प्रदेश में भी बदलाव की बयार नजर आ रही है. इस कड़ी में मुख्यमंत्री मोहन यादव, जिन्हें Z+ सुरक्षा मिली है, अब 13 के बजाय सिर्फ 8 गाड़ियों के काफिले में चलेंगे. वहीं, न्यायपालिका से भी एक प्रेरक तस्वीर आई, जहाँ जस्टिस डीडी बंसल खुद साइकिल चलाकर हाई कोर्ट पहुँचे. ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी अपने सरकारी आवास से ई-स्कूटर पर दफ्तर जाते दिखे, जो आम जनता के लिए एक बड़ा उदाहरण है.
योगी सरकार ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सबसे सख्त कदम उठाए हैं. अब यूपी के मंत्री और अफसर हफ्ते में एक दिन अनिवार्य रूप से पब्लिक ट्रांसपोर्ट या बस-मेट्रो का उपयोग करेंगे. इतना ही नहीं, कॉरपोरेट ऑफिसों के लिए हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी जारी की गई है ताकि सड़कों पर गाड़ियां कम हों और ईंधन की खपत घटे. सभी सरकारी बैठकें भी अब वर्चुअल मोड पर शिफ्ट की जा रही हैं.
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महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने मितव्ययिता (Frugality) की मिसाल देते हुए अपना फ्रांस का दौरा रद्द कर दिया है. उन्होंने कहा कि वे ‘कान्स फिल्म फेस्टिवल’ में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के बजाय वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे ताकि सरकारी खजाने पर बोझ कम हो. यह फैसला दर्शाता है कि अब नेता ‘विदेशी विलासिता’ के बजाय ‘स्वदेशी बचत’ को प्राथमिकता दे रहे हैं.
गोल्ड पर लगाम: जब तक हालात सामान्य न हों, सोने की खरीद टालें.
पब्लिक ट्रांसपोर्ट: मेट्रो और इलेक्ट्रिक बसों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें.
विदेशी यात्रा: शादियों या छुट्टियों के लिए विदेश जाना अभी टाल दें.
नेचुरल फार्मिंग: खाद का उपयोग आधा करें और प्राकृतिक खेती अपनाएं.
किचन में बचत: अगर खाने के तेल का उपयोग कम करेंगे, तो सेहत और देश दोनों को फायदा होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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