देश

अब हर घर पहुंचेगा शुद्ध जल: पीएम मोदी का बड़ा फैसला, जल जीवन मिशन को मिला ₹8.69 लाख करोड़ का बजट

PM Modi Jal Jeevan Mission: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही योजना के बजट में भी बड़ा इजाफा किया गया है. सरकार ने इस मिशन का कुल बजट बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक साफ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को तेजी से पूरा किया जा सके.

बजट में बड़ा इजाफा

योजना के पुनर्गठन के तहत केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता 2.08 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3.59 लाख करोड़ रुपये कर दी गई है. यानी केंद्र की हिस्सेदारी में 1.51 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है. सरकार का कहना है कि अब योजना का फोकस केवल पाइपलाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण घरों तक नियमित और सुरक्षित जल सेवा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा.

‘सुजलम भारत’ डिजिटल सिस्टम लागू

योजना के तहत एक राष्ट्रीय डिजिटल फ्रेमवर्क ‘सुजलम भारत’ लागू किया जाएगा. इसके अंतर्गत हर गांव को एक यूनिक ‘सुजल गांव’ या सर्विस एरिया आईडी दी जाएगी. इससे पानी के स्रोत से लेकर घर तक की पूरी जल आपूर्ति प्रणाली को डिजिटल रूप से मैप किया जा सकेगा और निगरानी आसान होगी.

पंचायतों और समुदाय की भूमिका

सरकार ने ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को योजना के संचालन और रखरखाव में अहम भूमिका देने का फैसला किया है. ‘जल अर्पण’ प्रक्रिया के तहत इन संस्थाओं को जल आपूर्ति व्यवस्था का जिम्मा सौंपा जाएगा. साथ ही गांवों में हर साल ‘जल उत्सव’ आयोजित कर जल प्रबंधन की समीक्षा भी की जाएगी.

2019 से अब तक बड़ी प्रगति

साल 2019 में योजना शुरू होने के समय देश के केवल 3.23 करोड़ ग्रामीण घरों में नल से पानी की सुविधा थी. अब तक 12.56 करोड़ से अधिक नए घरों को यह सुविधा मिल चुकी है. वर्तमान में देश के 19.36 करोड़ ग्रामीण घरों में से करीब 15.80 करोड़ घरों (लगभग 81.6%) तक नल से जल कनेक्शन पहुंच चुका है.


ये भी पढ़ें: मदुरै की ऊंची उड़ान: मोदी सरकार का बड़ा फैसला, मदुरै एयरपोर्ट अब हुआ ‘इंटरनेशनल’


महिलाओं और स्वास्थ्य को लाभ

सरकारी आकलन के अनुसार इस योजना से करीब 9 करोड़ महिलाओं को रोज पानी लाने की मेहनत से राहत मिली है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के मुताबिक इससे महिलाओं के श्रम के करोड़ों घंटे बच रहे हैं और जलजनित बीमारियों से होने वाली मौतों में भी कमी आने की संभावना है.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

भगत सिंह जयंती पर CM योगी का नया फॉर्मूला! ज्ञान, कौशल और कर्म से चमकेगी यूपी के युवाओं की किस्मत

CM Yogi Adityanath: भगत सिंह जयंती पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से नशा और…

4 minutes ago

दिल्ली-एनसीआर में रेप के मामले: सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, निर्भया केस से की तुलना

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में चलती स्लीपर बस में नाबालिग से रेप की घटना पर…

5 minutes ago

सोशल मीडिया की अफवाह से सुलग उठा LPU कैंपस, आगजनी और हाईवे जाम के बाद SIT गठित

LPU Phagwara Violence SIT Investigation: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा से कथित रेप और…

10 minutes ago

ब्लैक मंडे: खुलते ही स्वाहा हुए 6 लाख करोड़, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा; युद्ध की आहट से कांपा दलाल स्ट्रीट?

Black Monday Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत भारी गिरावट के…

18 minutes ago

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत, फोन पर बातचीत के बाद हुआ हादसा; पुलिस जांच जारी

Nidhi Tiwari Suicide Case: सिंगरौली के मोरवा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी…

40 minutes ago

अचानक बरसे पत्थर, मची अफरा-तफरी! उज्जैन की शाही मस्जिद पर क्यों लेना पड़ा बड़ा फैसला?

Ujjain News: उज्जैन में शाही मस्जिद हटाने की अफवाह पर भड़की हिंसा और पत्थरबाजी के…

40 minutes ago