लीगल

पश्चिम बंगाल एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: न्यायिक अधिकारियों पर आरोप लगाने से नाराज सीजेआई

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने न्यायिक अधिकारियों पर लगाए जा रहे आरोपों पर कड़ी नाराजगी जताई. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने स्पष्ट किया कि एसआईआर प्रक्रिया में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या घुसपैठिए को शामिल नहीं किया जाएगा.

सीजेआई की कड़ी टिप्पणी

सीजेआई ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों से कोई सवाल न करें, मैं यह बात सख्ती से कह रहा हूं. ” उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वकील मेनका गुरुस्वामी से कहा कि अग्रिम याचिकाएं गलत संदेश देगी. सीजेआई ने तृणमूल के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद और वकील गुरुस्वामी से कहा कि अगर याचिका में यह संदेश दिया जा रहा है कि आप व्यवस्था पर भरोसा नहीं कर सकते. कोर्ट ने कहा कि जो लोग अधिकृत नहीं हैं या घुसपैठिए हैं, उन्हें एसआईआर में शामिल नहीं किया जाएगा.

पश्चिम बंगाल सरकार का क्या है दावा?

पश्चिम बंगाल सरकार ने नई याचिका दायर कर कहा कि मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं. उनके दस्तावेज भी दर्ज नहीं किए गए हैं. उन्होंने पहले मतदान किया था, अब उनके दस्तावेज नहीं लिए जा रहे हैं. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कोलकाता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया था कि वे जिला न्यायाधीशों के पद पर कार्यरत और पूर्व न्यायिक अधिकारियों को एसआईआर कर्तव्यों के लिए आरक्षित रखें.

यह भी पढ़ें: अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक से लेकर क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म तक, UN में भारत ने खोली पोल तो कैसे बौखला गए पाकिस्तानी दूत?

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट ने कहा है कि 10 लाख विचाराधीन वोटरों का काम हो चुका है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि कलेक्टर और एसपी समय-समय पर जारी किए जाने वाले निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वतः प्रतिनियुक्त माने जा जाएंगे. राज्य सरकार द्वारा उनके निर्देशों का तुरंत पालन किया जाना चाहिए. अदालत ने गतिरोध को दूर करने के लिए बैठक बुलाने का आदेश दिया था. कार्यवाही का तंत्र हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर छोड़ दिया गया है.

कपिल सिब्बल की दलील

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया था कि समय सीमा 21 फरवरी तक बढ़ाने के बावजूद 15 फरवरी को ही उन्होंने दस्तावेज अपलोड करना बंद कर दिया था.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

7 गिरफ्तारियां, 5 पंडाल सील, धारा 163 लागू… कोलकाता भगदड़ के बाद एक्शन पर एक्शन, संकट में शंकर महादेवन का शो भी

Kolkata Chorbagan Stampede: चोरबागान दुर्गा पूजा मंडप में हुई दर्दनाक भगदड़ के बाद कोलकाता पुलिस…

3 minutes ago

Muzaffarpur में युवक की हत्या के बाद भारी बवाल, उग्र भीड़ ने आरोपियों के 8-10 घरों में लगाई आग

Navneet Kumar Murder Muzaffarpur: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मोहम्मदपुर खाजे गांव के रहने वाले…

8 minutes ago

सर्दियों की शुरुआत से पहले चेहरे पर लगाएं ये 2 चीजें, 40 की उम्र में भी दिखेगा 25 जैसा निखार

Winter skincare tips: सर्दियों में रूखी त्वचा और झुर्रियों से हैं परेशान? 40 की उम्र…

36 minutes ago

बालासाहेब के बात कर उद्धव पर बरसे फडणवीस, दिखाया ऐसा आइना की मची उथल-पुथल

Devendra Fadnavis slams Uddhav Thackeray: उद्धव ठाकरे के 'सत्ता परिवर्तन' वाले बयान पर पलटवार करते…

37 minutes ago

Pratapgarh Double Murder: खुद मरे या गला दबाकर मारा? प्रतापगढ़ के लालू पट्टी गांव में चारपाई फंदे से लटके मिले मां-बेटे

Pratapgarh Double Murder: थाना संग्रामगढ़ क्षेत्र के नया पुरवा लालू पट्टी गांव में मां और…

37 minutes ago

विकास पुरुष या विवादों के राजा? जानिए दो राज्यों की गद्दी संभालने वाले एनडी तिवारी की अनकही कहानी

ND Tiwari Birth Anniversary: नारायण दत्त तिवारी भारतीय राजनीति के ऐसे दुर्लभ नेता थे, जिन्होंने…

56 minutes ago