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पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा: भारत के ‘विज़न महासागर’ को मिलेगी मजबूती, जानिए कैसे चीन की दादागिरी का होगा द एंड?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (27 जून 2026) से सेशेल्स के तीन दिवसीय ऐतिहासिक दौरे (PM Modi Seychelles visit) पर हैं. वो वहां की आजादी की गोल्डन जुबली (50वें राष्ट्रीय दिवस) पर मुख्य ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ बनकर पहुंचे हैं. रक्षा और कूटनीति के जानकारों का साफ मानना है कि पीएम मोदी का यह दौरा केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं है बल्कि यह हिंद महासागर (Indian Ocean) में चीन की विस्तारवादी सोच और दादागिरी का पूरी तरह से ‘द एंड’ करने के लिए भारत का एक महा-अभियान है.

आखिर क्या है भारत का ‘विज़न महासागर’?

‘महासागर’ (MAHASAGAR) का पूरा नाम है-Maritime Heads for Active Security and Growth for All in the Region. यह भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय की एक ऐसी अचूक नीति है, जिसके तहत भारत हिंद महासागर के छोटे द्वीपीय देशों (जैसे सेशेल्स, मॉरीशस, मालदीव) को एक मंच पर लाता है. इसका मुख्य मंत्र साझा सुरक्षा और साझा विकास है. भारत इन देशों को यह भरोसा देता है कि समंदर में समुद्री डकैती, नशीली दवाओं की तस्करी या किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय भारत उनका सबसे पहला और भरोसेमंद मददगार बनकर खड़ा रहेगा.

चीन की ‘जालसाजी’ का होगा अंत?(PM Modi Seychelles MAHASAGAR)

हिंद महासागर में चीन की नीति जहां छोटे देशों को भारी कर्ज देकर उनके बंदरगाहों पर कब्जा करने की है (जैसे श्रीलंका का हम्बनटोटा), वहीं भारत ‘विज़न महासागर’ के तहत इन देशों की संप्रभुता का पूरा सम्मान करता है. भारत उन्हें गुलाम बनाने के बजाय, उनकी खुद की सुरक्षा क्षमता को मजबूत करता है. भारत ने सेशेल्स को ‘डोर्नियर’ निगरानी विमान और ‘फास्ट पेट्रोल वेसल’ गिफ्ट किए हैं और वहां के मरीन कमांडोज को ट्रेनिंग दे रहा है. भारत की यह ‘सॉफ्ट पावर’ चीन के कर्ज के जाल को पूरी तरह काट रही है.

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सेशेल्स की संसद से गूंजेगा भारत का महा-मंत्र

बता दें कि नक्शे पर सेशेल्स भले ही छोटा दिखे, लेकिन इसकी भौगोलिक स्थिति इसे पूरे हिंद महासागर का प्रवेश द्वार (Gatekeeper) बनाती है. जब सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने अपनी आजादी के सबसे बड़े जश्न में चीन के पैसों के जाल को ठुकराकर पीएम मोदी को मुख्य अतिथि चुना, तो यह बीजिंग को बहुत कड़ा संदेश था. पीएम मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली (संसद) को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, जहां से जब ‘विज़न महासागर’ की गूंज दुनिया तक पहुंचेगी, तो वह चीन की दादागिरी पर अंतिम कूटनीतिक प्रहार होगा.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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