देश

आखिर क्या है ‘टोडा शॉल’, जिसे पीएम मोदी ने सेशेल्स में भारत की पहचान बनाकर पेश किया

PM Modi Seychelles Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सेशेल्स यात्रा के दौरान भारत की समृद्ध हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले कई अनमोल उपहार भेंट किए गए, जिन्होंने दोनों देशों के बीच मित्रता को और भी गहरा किया. ये सभी उपहार न केवल कला और परंपरा का प्रतीक थे, बल्कि भारत की विविधता और “लोकल टू ग्लोबल” शिल्प शक्ति को भी दर्शाते हैं.

आखिर क्या है ‘टोडा शॉल’

सबसे पहले, उन्होंने सेशेल्स के स्पीकर को ‘टोडा एम्ब्रॉयडरी’ शॉल भेंट की. यह शॉल नीलगिरि पहाड़ियों की टोड़ा कम्यूनिटी की पारंपरिक कढ़ाई कला पुखूर से बनी होती है. सफेद आधार पर लाल और काले ज्यामितीय डिजाइन इस शॉल को बेहद विशिष्ट बनाते हैं. यह सिर्फ वस्त्र नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही पहचान और सांस्कृतिक निरंतरता का प्रतीक है. इसके बाद प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की सेकेंड लेडी को Kanchipuram की प्रसिद्ध Kanchivaram Silk भेंट की. यह रेशमी कपड़ा अपने सुनहरे जरी के काम, चमकदार बनावट और मंदिर वास्तुकला से प्रेरित डिज़ाइनों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है. इसे भारत की सबसे प्रतिष्ठित हैंडलूम परंपराओं में से एक माना जाता है और यह भारतीय बुनकरों की उत्कृष्ट कारीगरी का प्रतीक है.

सेशेल्स के उपराष्ट्रपति को भेंट किया सिक्किम का ऑर्किड पेंटिंग उपहार

सेशेल्स के उपराष्ट्रपति को भेंट किया गया सिक्किम का ऑर्किड पेंटिंग उपहार भारत और सेशेल्स के बीच प्रकृति और जैव विविधता के साझा सम्मान को दर्शाता है. इसमें मोर और ऑर्किड फूलों का सुंदर संयोजन दिखाया गया है, जो दोनों देशों के पर्यावरणीय सौंदर्य और संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को जोड़ता है. सेशेल्स की फर्स्ट लेडी को महेश्वर की महेश्वरी सिल्क की एक खूबसूरत स्टोल भेंट की गई. हल्के रेशम और सूती मिश्रण से बनी यह स्टोल अपनी नाजुक बुनाई, ज्यामितीय डिज़ाइनों और सादगीपूर्ण सौंदर्य के लिए जानी जाती है.

यह भी पढ़ें: सेशेल्स से लौटते ही पीएम मोदी एक्शन: शाम 4:30 बजे लगेगी टॉप सचिवों की क्लास, जानें क्या है खास?

इसके साथ ही उन्हें Bidar की प्रसिद्ध Bidriware का एक बारीक नक्काशीदार बॉक्स भी दिया गया, जिसमें चांदी की जड़ाई और काले धातु की चमक इस कला को बेहद खास बनाती है. यह हस्तशिल्प भारत की धातु कला की अद्वितीय परंपरा का उदाहरण है. अंत में सेशेल्स के राष्ट्रपति को Moradabad की मशहूर पीतल कला का Muradabadi brass craft से बना कछुए का प्रतीकात्मक उपहार दिया गया. कछुआ भारतीय संस्कृति में स्थिरता और दीर्घायु का प्रतीक है, और यह सेशेल्स के अल्दाब्रा विशालकाय कछुए से भी जुड़ाव रखता है. इन सभी उपहारों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प कौशल और सेशेल्स के साथ गहरे होते संबंधों को एक सुंदर कहानी की तरह प्रस्तुत किया—जहाँ कला, प्रकृति और मित्रता एक साथ जुड़ते हैं.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

Recent Posts

नक्सल हिंसा के पीड़ितों की जिंदगी फिर संवारने की कोशिश, अमित शाह बोले- सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जीना हर व्यक्ति का हक

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद ने पिछले पांच दशकों…

11 minutes ago

45 साल के उम्र के फासले को मिटाकर 30 साल की ब्लॉगर ने 75 साल के बुजुर्ग से की सगाई

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में 30 साल की सोशल मीडिया ब्लॉगर रीना ने अपने…

15 minutes ago

लद्दाख को मिली ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, पीएम मोदी ने किया पांच बड़े प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख में करीब 3,350 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाओं का…

20 minutes ago

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, एक नवंबर से टेलीकॉम यूजर्स को मोबाइल पर दिखेगा कॉलर का नाम

सरकार के दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने टेलीकॉम ऑपरेटरों को 1 नवंबर, 2026 से अपने सभी…

27 minutes ago