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‘चंद्रमा भी बिना स्वार्थ के रोशनी देता है…’, पीएम मोदी ने बताया असली ‘सज्जन’ कौन?

पीएम मोदी (PM Narendra Modi) इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X – पूर्व में ट्विटर) पर एक खास अंदाज में देशवासियों और युवाओं से जुड़ रहे हैं. लगातार चौथे दिन पीएम मोदी ने अपनी प्राचीन संस्कृति और वेदों-पुराणों की गहराई को दर्शाते हुए एक संस्कृत श्लोक (Sanskrit Shloka) साझा किया है. ताजा पोस्ट में उन्होंने निस्वार्थ सेवा और परोपकार को महान लोगों का स्वाभाविक गुण बताया है.

“उदार हृदय वाले बिना स्वार्थ के करते हैं दूसरों का हित”

अपने नए पोस्ट में पीएम मोदी ने श्लोक लिखा, “किं चन्द्रमाः प्रत्युपकारलिप्सया करोति गोभिः कुमुदावबोधनम्…” इसका हिंदी अर्थ समझाते हुए उन्होंने लिखा कि जिस तरह चंद्रमा किसी उपकार की इच्छा से अपनी किरणों से कुमुदुनी (कमल) को प्रकाशित नहीं करता, उसी तरह महान और उदार हृदय वाले सज्जन बिना किसी स्वार्थ या अपेक्षा के दूसरों का हित करते हैं, क्योंकि परोपकार उनके स्वभाव में होता है.

राष्ट्र निर्माण, युवा शक्ति और ज्ञान का संदेश

इससे पहले भी पीएम मोदी ने लगातार 3 दिन ज्ञानवर्धक श्लोक साझा किए थे

गुरुवार: मातृभूमि की वंदना करते हुए उन्होंने लिखा कि पृथ्वी माता स्थिर हो और हम सब सद्गुणों से पालित-पोषित इस मातृभूमि की सदैव सेवा करें.

बुधवार: “आत्मोदयः परज्यानिर्द्वयं…” श्लोक के जरिए पीएम ने कहा कि स्वयं का उत्थान करना ही सच्ची नीति है. आत्मिक विकास से ही युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान दे रही है.

मंगलवार: भगवद गीता का श्लोक “न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते…” शेयर करते हुए उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि ज्ञान के समान पवित्र कुछ नहीं है, और निरंतर प्रयास व साधना से ही प्रतिभा निखरती है.

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युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत

प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से संस्कृत श्लोकों की यह सीरीज न केवल भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को सोशल मीडिया के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंचा रही है, बल्कि यह युवाओं को सकारात्मकता, ज्ञान, राष्ट्रभक्ति और निस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलने के लिए भी प्रेरित कर रही है. इंटरनेट पर पीएम मोदी के इन संदेशों की जमकर तारीफ हो रही है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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