संसद के आगामी सत्र से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों के साथ नाश्ते (Breakfast Meeting) पर एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक नवनिर्वाचित सांसदों के साथ औपचारिक परिचय और आत्मीय बातचीत का एक विशेष अवसर होगी.
इस उच्चस्तरीय बैठक में संसदीय प्रक्रियाओं, जनप्रतिनिधियों (विधायकों व सांसदों) की उत्तरदायित्वपूर्ण भूमिकाओं और आगामी सत्र के लिए सरकार की विधायी रणनीति पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है. संसद के सुचारू व व्यवस्थित कामकाज को सुनिश्चित करने और सांसद अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दों को सदन के भीतर प्रभावी ढंग से कैसे उठाएं, इस पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा.
एनसीपीआई और शिंदे गुट सूची में शामिल
यह विशेष निमंत्रण एनडीए (NDA) में शामिल सभी नए लोकसभा सांसदों को भेजा गया है. इसमें एनसीपीआई (NCPI) के सदस्य भी शामिल हैं, जिन्हें एनडीए को समर्थन देने वाले टीएमसी (TMC) के कुछ सांसदों का समर्थन प्राप्त है.
इसके अलावा, हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) से अलग होकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए नए लोकसभा सांसदों को भी इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है.
सांसदों से निरंतर संपर्क का अभियान
यह बैठक नवगठित संसद के सदस्यों के साथ प्रधानमंत्री मोदी के निरंतर प्रत्यक्ष संपर्क अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है. इसका मुख्य उद्देश्य सत्ताधारी गठबंधन (NDA) के भीतर आपसी समन्वय को मजबूत करना, राजनीतिक एकजुटता को बढ़ाना और संसदीय कार्यवाही के दौरान गठबंधन के सांसदों की अधिकतम व सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है.
बुधवार हुई थी अनौपचारिक बैठक
यह बैठक ऐसे समय में आयोजित की जा रही है, जब प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को भी मानसून सत्र के दौरान सांसदों के साथ अपने संवाद अभियान के तहत अपने आधिकारिक आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 37 सांसदों के साथ नाश्ते पर विस्तृत बातचीत की थी.
यह अनौपचारिक बैठक पार्टी के भीतर आंतरिक तालमेल को मजबूत करते हुए सुशासन और संसदीय मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए आयोजित की गई थी. सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सांसदों के साथ अपने वर्षों के बजटीय व प्रशासनिक अनुभव साझा किए और कई समसामयिक मुद्दों पर चर्चा की.
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
बुधवार को हुई इस बैठक में एनसीपीआई (NCPI) गठबंधन से जुड़े भाजपा सांसद, आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता जो बाद में भाजपा में शामिल हुए, तथा वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण चुघ, विनोद तावड़े और भाजपा प्रमुख नितिन नवीन शामिल रहे थे. उस बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को विशेष सलाह देते हुए कहा था कि:
“सांसद मुख्यधारा मीडिया या ‘दिल्ली के राजनीतिक नैरेटिव के जाल’ में बिल्कुल न फंसें. सदन के भीतर विचारों की भिन्नता के बावजूद विपक्ष के सदस्यों के साथ व्यक्तिगत और सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखें.”
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संसदीय कार्यवाही में अनुशासित और सक्रिय भागीदारी के महत्व पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे अपने कीमती समय का सदुपयोग नया सीखने, विधायी बारीकियों को समझने और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित होकर काम करने में करें.
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