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आज तेलंगाना और तमिलनाडु के दौरे पर पीएम मोदी, कई विकास परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमवार से पांच राज्यों, तेलंगाना, तमिलनाडु, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार की तीन दिवसीय यात्रा पर जाने वाले हैं. पीएम मोदी ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा था कि पांच राज्यों की उनकी आगामी यात्रा के दौरान जिन विकास कार्यों का उद्घाटन किया जाएगा, वे कई क्षेत्रों को कवर करेंगे और कई लोगों के जीवन में बदलाव लाएंगे. सुबह लगभग 10.30 बजे, प्रधानमंत्री बिजली, रेल और सड़क क्षेत्रों से संबंधित रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का
उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे.

पीएम करेंगे इन विकास परियोजनाओं की शुरुआत

तेलंगाना के आदिलाबाद में आज 56,000 करोड़ रु. परियोजनाओं का मुख्य फोकस बिजली क्षेत्र पर होगा. वह तेलंगाना के पेद्दापल्ली में एनटीपीसी की 800 मेगावाट (यूनिट-2) को तेलंगाना सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट को समर्पित करेंगे. अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित, यह परियोजना तेलंगाना को 85 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति करेगी और भारत में एनटीपीसी के सभी बिजली स्टेशनों के बीच लगभग 42 प्रतिशत की उच्चतम बिजली उत्पादन दक्षता होगी. इस परियोजना का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री द्वारा किया गया है. पीएम मोदी झारखंड के चतरा में उत्तरी करणपुरा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की 660 मेगावाट (यूनिट -2) भी समर्पित करेंगे. यह देश का पहला सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट है, जिसकी कल्पना इतने बड़े आकार के एयर-कूल्ड कंडेनसर (एसीसी) के साथ की गई है, जो पारंपरिक वॉटर-कूल्ड कंडेनसर की तुलना में पानी की खपत को 1/3 तक कम कर देता है.

कई पॉवर प्लांट होंगे राष्ट्र को समर्पित

इस प्रोजेक्ट पर काम की शुरुआत को प्रधानमंत्री ने हरी झंडी दिखाई. प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के सीपत, बिलासपुर में फ्लाई ऐश आधारित लाइट वेट एग्रीगेट प्लांट भी समर्पित करेंगे; उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट को भी. इसके अलावा, प्रधान मंत्री उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में सिंगरौली सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, चरण-III (2×800 मेगावाट) की आधारशिला रखेंगे; छत्तीसगढ़ के लारा, रायगढ़ में फ़्लू गैस CO2 से 4G इथेनॉल संयंत्र; आंध्र प्रदेश में सिम्हाद्रि, विशाखापत्तनम में समुद्री जल से हरित हाइड्रोजन संयंत्र; और छत्तीसगढ़ के कोरबा में फ्लाई ऐश आधारित FALG एग्रीगेट प्लांट. वह सात परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की एक परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे. पीएम मोदी राजस्थान के जैसलमेर में नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) की 380 मेगावाट की सौर परियोजना का उद्घाटन करेंगे. परियोजना से हर साल लगभग 792 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा उत्पन्न होगी.

इन राज्यों को मिलेगी यह सौगात

वह उत्तर प्रदेश के जालौन में बुंदेलखंड सौर ऊर्जा लिमिटेड (बीएसयूएल) के 1200 मेगावाट के जालौन अल्ट्रा मेगा नवीकरणीय ऊर्जा पावर पार्क की नींव रखेंगे. वहीं पीएम उत्तर प्रदेश के जालौन और कानपुर देहात में सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) की तीन सौर ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. इन परियोजनाओं की कुल क्षमता 200 मेगावाट है. इन परियोजनाओं का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री ने किया. प्रधानमंत्री उत्तराखंड के उत्तरकाशी में नैटवार मोरी हाइड्रो पावर स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन करेंगे. वह बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश और धुबरी, असम में एसजेवीएन की दो सौर परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे; और हिमाचल प्रदेश में 382 मेगावाट सुन्नी बांध जल विद्युत परियोजना का भी.

वह यूपी के ललितपुर जिले में TUSCO की 600 मेगावाट की ललितपुर सौर ऊर्जा परियोजना की नींव रखेंगे. पीएम मोदी नवीकरणीय ऊर्जा से 2500 मेगावाट बिजली की निकासी के लिए रीन्यू की कोप्पल-नरेंद्र ट्रांसमिशन योजना का उद्घाटन करेंगे। यह अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन योजना कर्नाटक के कोप्पल जिले में स्थित है. दामोदर घाटी निगम और इंडिग्रिड की अन्य बिजली क्षेत्र से संबंधित परियोजनाओं का भी उद्घाटन प्रधान मंत्री द्वारा किया जाएगा. यात्रा के दौरान बिजली क्षेत्र के अलावा सड़क और रेल क्षेत्र की परियोजनाओं पर भी विचार किया जाएगा.

महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से जुड़ेगा तेलांगना

प्रधानमंत्री नव विद्युतीकृत अंबारी-आदिलाबाद-पिंपलखुटी रेल लाइन राष्ट्र को समर्पित करेंगे. वह NH-353B ​​और NH-163 के माध्यम से तेलंगाना को महाराष्ट्र और तेलंगाना को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाली दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे. इसके बाद करीब साढ़े तीन बजे प्रधानमंत्री तमिलनाडु के कलपक्कम में भाविनी जाएंगे.

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भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर चिह्नित करते हुए, प्रधानमंत्री तमिलनाडु के कलपक्कम में 500 मेगावाट क्षमता के भारत के स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) की कोर लोडिंग की शुरुआत देखेंगे. इस पीएफबीआर को भाविनी (भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड) द्वारा विकसित किया गया है. भारत ने बंद ईंधन चक्र के साथ तीन चरणों वाला परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम अपनाया है. परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के तीसरे चरण में थोरियम के उपयोग की दिशा में यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. एक बार चालू होने के बाद, भारत रूस के बाद फास्ट रिएक्टर का वाणिज्यिक संचालन करने वाला दूसरा देश होगा.

Rohit Rai

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