ब्रिटेन जाते समय पीएम मोदी
PM Modi UK Visit: संसद के मानसून सत्र शुरू होने के 3 दिन बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश दौरे के लिए रवाना हो गए हैं. इस दौरान वो ब्रिटेन और मालदीव करेंगे. दोनों ही देश भारत के लिए खासा रणनीतिक महत्व रखती है. इस दौरे में सबसे खास ब्रिटेन का दौरा होने वाला है. उम्मीद जताई जा रही है कि यहां पीएम मोदी कई ऐसे समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं जिससे भारत को खासा फायदा होगा. इससे भारत की वेस्ट नेती को भी बल मिलेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23-24 जुलाई को ब्रिटेन की यात्रा पर रहेंगे. इसके बाद वह 25-26 जुलाई को मालदीव की यात्रा में रहेंगे. पीएम मोदी यूं तो चौथी बार ब्रिटेन जा रहे हैं. हालांकि, वहां सरकार बदलने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है. इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि, इस यात्रा को निमंत्रण ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दिया है.
ब्रिटेन पहुंचने के साथ पीएम मोदी ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ लंच करेंगे. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच गहरी चर्चा होगी. इस दौरे में प्रिंस चार्ल्स से भी शिष्टाचार मुलाकात भी होगी. ब्रिटेन दौरे का मेजर कंसर्न FTA है. ब्रिटेन में भारत के हाई कमीशन विक्रम दोराईस्वामी ने बताया कि FTA साइन होने से भारत को बेवरेज और कार सेक्टर में खासा फायदा होगा. इसके साथ ही इससे भारत की वेस्ट नीति को भी लाभ होगा.
लंदन जाने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी में प्रगति हुई है. हमारा सहयोग व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा, शिक्षा, स्थिरता, स्वास्थ्य और लोगों के संबंधों तक फैला है. उन्होंने कहा कि इस यात्रा में वह किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात के लिए उत्सुक हैंPM Modi UK Visit:. पीएम स्टारमर के साथ भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को गति देने के साथ आर्थिक साझेदारी पर चर्चा होगी. इससे दोनों देशों में समृद्धि, विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
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ब्रिटेन के बाद पीएम मोदी, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के निमंत्रण पर 25-26 जुलाई को मालदीव में होगे. यह उनकी राजकीय यात्रा है साथ ही यह पीएम मोदी की तीसरी यात्रा है. पीएम मोदी मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे. सबसे खास बात कि राष्ट्रपति मुइज्जू के कार्यकाल में यह किसी राष्ट्राध्यक्ष की पहली यात्रा है. इस यात्रा का महत्व भारत की पहले पड़ोसी की नीति के लिए भी है. इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा के लिए भी मालदीव का भारत के पक्ष में होना महत्व रखता है.
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