प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सोमवार को देशवासियों के नाम खुला पत्र लिखा. इसमें उन्होंने लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दी और ‘जीएसटी बचत उत्सव’ (GST Bachat Utasav) की शुरुआत की घोषणा की. उन्होंने कहा कि जब भी आप अपने देश के कारीगरों, श्रमिकों और इंडस्ट्री के बनाए सामान को खरीदते हैं, तो आप कई परिवारों की रोजी-रोटी में मदद करते हैं और देश के युवाओं के लिए रोजगार पैदा करते हैं.
पीएम मोदी ने पत्र में लिखा, ”आपको और आपके परिवार को शक्ति की उपासना के पर्व नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. मेरी प्रार्थना है, ये त्योहार आप सभी के जीवन में सुख और समृद्धि लेकर आए. इस वर्ष त्योहारों में हमें एक और उपहार मिल रहा है. 22 सितंबर से नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू होने के साथ ही पूरे देश में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुरुआत हो गई है. इन रिफॉर्म्स से किसान, महिला, युवा, गरीब, मध्यम वर्ग, व्यापारी, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, सभी को फायदा होगा.”
उन्होंने आगे लिखा, ”नए जीएसटी रिफॉर्म्स की विशेषता है कि अब मुख्य रूप से सिर्फ दो ही स्लैब रहेंगे. रोजमर्रा की जरूरी चीजें जैसे खाना, दवाइयां, साबुन, टूथपेस्ट और कई अन्य सामान अब या तो टैक्स फ्री होंगे या 5% की सबसे कम स्लैब में आएंगे. घर बनाने, गाड़ी खरीदने, बाहर खाने या परिवार के साथ छुट्टियां मनाने जैसे सपनों को पूरा करना अब आसान होगा. हेल्थ इंश्योरेंस पर भी अब जीएसटी को शून्य कर दिया गया है. मुझे ये देखकर अच्छा लगा कि कई दुकानदार और व्यापारी ‘पहले और अब’ के बोर्ड लगाकर, लोगों को बता रहे हैं कि कोई सामान कितना सस्ता हो गया है.”
पीएम मोदी ने बताया ,”हमारी जीएसटी यात्रा 2017 में शुरू हुई थी. तब देश को अनेक तरह के टैक्स और टोल के जंजाल से मुक्ति मिली थी. इससे ग्राहकों और व्यापारियों, कारोबारियों को बहुत राहत मिली थी. अब ये नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म हमें और आगे ले जा रहे हैं. इसमें सिस्टम को और सरल बनाया गया है. इससे हमारे दुकानदार साथियों, लघु उद्योगों की सहूलियत और बढ़ेगी. नागरिक देवो भव हमारा मंत्र है. पिछले 11 वर्षों में हमारे प्रयासों से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं.”
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि देश में एक नियो मिडिल क्लास तैयार हुआ है. अब इसे और सशक्त बनाया जा रहा है. हमने मध्यम वर्ग को भी मजबूत किया है. 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लिया जा रहा है. अगर इनकम टैक्स में छूट और नए जीएसटी रिफॉर्म्स को मिलाकर देखें, तो देशवासियों के सालाना लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपए बचेंगे. देश ने 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लिया है और इसे सिद्ध करने के लिए आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलना जरूरी है. नए जीएसटी रिफॉर्म्स से आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी तेज गति मिलेगी.
उन्होंने पत्र में लिखा, ”आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है कि हम स्वदेशी को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं. चाहे ब्रांड कोई भी हो, कंपनी कोई भी हो, अगर उसमें भारतीय श्रमिक और कारीगर की मेहनत लगी है, तो वह स्वदेशी है. मैं अपने दुकानदारों और व्यापारियों से भी अपील करता हूं कि वे स्वदेशी सामान ही बेचें. आइए गर्व से कहें, ये स्वदेशी है. आपके घर की बचत बढ़े, आपके सपने पूरे हों और आप अपनी पसंद की चीजों के साथ त्योहारों की चमक बढ़ाएं, मेरी यही कामना है. एक बार फिर, मैं आपको नवरात्रि के साथ ही ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुभकामनाएं देता हूं.”
-भारत एक्सप्रेस
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