Premanand Maharaj Shishya Mystery Death: वृंदावन के गुरु कृपा कुंज आश्रम की चार मंजिला इमारत से गिरकर संत प्रेमानंद महाराज के 25 वर्षीय शिष्य दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध हालात में दर्दनाक मौत हो गई. घायल अवस्था में उन्हें तुरंत सर्वोदय अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. लेकिन इस घटना ने उस वक्त बेहद भयानक और रहस्यमयी मोड़ ले लिया, जब जांच के दौरान मृतक के शरीर की स्थिति और उनके कमरे से बरामद आपत्तिजनक सामान सामने आए.
पुलिस और फॉरेंसिक टीम को मृतक के कमरे से एक खून से सना हुआ ग्राइंडर (कटर मशीन) बरामद हुआ है, जिससे पूरा मामला हत्या और आत्महत्या के बेहद उलझे हुए ताने-बाने में फंस गया है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के समय रसिक दुलारी शरण आश्रम की इमारत में मौजूद अपने कमरे में पूरी तरह अकेले थे. कमरे से बाहर निकलकर वे सीधे बिल्डिंग की चौथी मंजिल (टॉप फ्लोर) की छत पर पहुंचे. कुछ देर वहां शांत रहने के बाद, उन्होंने अचानक नीचे छलांग लगा दी.
आश्रम परिसर में तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर शिष्य व स्थानीय लोग दौड़े, तो देखा कि रसिक दुलारी लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़े तड़प रहे थे. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने और सिर व अंदरूनी अंगों में आई गंभीर चोटों की वजह से उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.
अस्पताल से मिली सूचना के बाद जब वृंदावन कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की, तो रसिक दुलारी का प्राइवेट पार्ट बुरी तरह कटा हुआ मिला. इसके बाद जब पुलिस टीम ने उनके कमरे की तलाशी ली, तो वहां फर्श पर खून के धब्बे और एक खून से सना हुआ ग्राइंडर बरामद हुआ. पुलिस को आशंका है कि छत से छलांग लगाने से ठीक पहले इसी इलेक्ट्रिक ग्राइंडर से प्राइवेट पार्ट काटा गया था.
ये भी पढ़ें: बिजली मिस्त्री से साधु तक: कैसे रसिक दुलारी शरण बना जबलपुर का दीपक? जानें प्रेमानंद के शिष्य की कहानी
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या रसिक दुलारी शरण ने मानसिक अवसाद या किसी अज्ञात कारण से खुद ग्राइंडर चलाकर अपने अंग को काटा और फिर छत से कूद गए, या फिर इस खौफनाक वारदात के पीछे कमरे में किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी थी जिसने उन्हें इस स्थिति में धकेला?
सीओ वृंदावन संदीप सिंह और एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से खून से सने ग्राइंडर के अलावा साधु की निजी डायरी और मोबाइल फोन को अपने कब्जे में ले लिया है. इमारत और आसपास के सभी रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिनमें वे छत से छलांग लगाते दिख रहे हैं. पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल्स पर गहनता से फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि मौत से ठीक पहले कमरे में घटी असल सच्चाई सामने आ सके.
1943 के बंगाल अकाल में लाखों लोगों ने भूख और कुपोषण के कारण अपनी जान…
Pawan Hangman on Saurabh Rajput murder convicts death sentence: मेरठ के सौरभ 'नीला ड्रम' हत्याकांड…
Jharkhand 108 ambulance workers protest Ranchi: रांची में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने बकाया वेतन और…
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 के तहत प्रस्तावित विकास परियोजनाओं…
उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे पर स्कूली बच्चों से भरी एसी बस में अचानक आग लग…
दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व…