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जेल भरने को क्यों आमादा हैं राजस्थान के डीएनटी समाज के लोग?

Rajasthan DNT Reservation Protest 2026: राजस्थान में विधानसभा उपचुनावों और आगामी सियासी समीकरणों के बीच वंचित वर्गों ने सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर चौतरफा मोर्चा खोल दिया है. सलूम्बर में राष्ट्रीय पशुपालक संघ, डीएनटी (DNT) संघर्ष समिति और मूल ओबीसी महापंचायत के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल “जेल भरो आंदोलन” का आयोजन किया गया.

इस ऐतिहासिक आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में डीएनटी, वंचित ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के लोग सड़कों पर उतरे. प्रदर्शनकारियों ने एक विशाल आक्रोश रैली निकालकर जिला कलेक्टर कार्यालय पर धावा बोला और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के साथ-साथ सरकार की नीतियों के खिलाफ सरेआम मुख्यमंत्री का पुतला भी दहन किया.

रेनके और इदाते आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग

डीएनटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष लालजी राईका ने आंदोलन के मुख्य एजेंडे को स्पष्ट करते हुए सरकार को सीधे आड़े हाथों लिया. राईका ने कहा कि राजस्थान में डीएनटी समाज की आबादी लगभग 15 प्रतिशत (करीब 1.23 करोड़) है, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है.

उन्होंने मांग की कि रेनके एवं इदाते आयोग की सिफारिशों के मुताबिक डीएनटी समाज को 10 प्रतिशत आरक्षण के भीतर अलग से कोटा दिया जाए. इसके अलावा समाज के लिए राजनीतिक भागीदारी, आवासीय पट्टे, भूमि आवंटन और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष बजट व अवसरों की मांग को प्रमुखता से उठाया गया है.

आरक्षण के भीतर उपवर्गीकरण पर अड़ा समाज(Rajasthan DNT Reservation)

आंदोलन के सह-अध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह संघर्ष पिछले दो वर्षों से जारी है. पूर्व में हुई वार्ताओं के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, बल्कि हक मांग रहे आंदोलनकारियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर आंदोलन को दबाने की कोशिश की गई.

महापंचायत में वक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया रुख का हवाला देते हुए ‘आरक्षण के उपवर्गीकरण’ (Sub-categorization) की मांग को सबसे बड़ा हथियार बनाया, ताकि आरक्षण का लाभ सभी 150 वंचित जातियों तक समान रूप से पहुंच सके.

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1 जुलाई को जयपुर में ‘महा-पड़ाव’ का अल्टीमेटम

डीएनटी समाज ने सरकार को चेतावनी दी है कि वे मुख्यमंत्री स्तर पर दूसरे दौर की वार्ता की तिथि तत्काल घोषित करें और पिछली बैठक के वादों पर स्पष्ट जवाब दें. आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि सलूम्बर से शुरू हुआ यह ‘जेल भरो’ अभियान अब थमने वाला नहीं है. यह आंदोलन अब राजस्थान के जिले-जिले तक पहुंचेगा और आगामी 1 जुलाई 2026 को राजधानी जयपुर में प्रस्तावित “महा-पड़ाव” के जरिए एक बड़े जनआंदोलन का रूप अख्तियार करेगा.

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-भारत एक्सप्रेस

नतांश पटेल

Crime and political journalist with 5+ years of experience, currently serving as Bureau In-Charge, Rajasthan at Bharat Express News Network. Known for leading editorial teams, delivering high-impact interviews, and driving audience growth through sharp content strategy.

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