गणतंत्र दिवस और दिल्ली में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. दिल्ली पुलिस के सामने एक महीने के दौरान सुरक्षा अरेंजमेंट को लेकर डबल चैलेंज है. लिहाजा, सुरक्षा और लॉ एंड ऑर्डर की चुनौती को देखते हुए फिलहाल सभी पुलिसकर्मियों की मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस को केंद्र से 70 कंपनी फोर्स मिलने की हरी झंडी मिल गई है. इनमें जरूरत के हिसाब से गणतंत्र दिवस के सुरक्षा इंतजाम के लिए पूरी दिल्ली में तैनाती की जाएगी. जल, थल और नभ से दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य हो गयी है. कमांडो दस्ते से लैस विशेष पराक्रम वाहनों को भी दिल्ली की सड़कों पर उतार दिया गया है. मुख्य समारोह स्थल लाल किले के आसपास एनएसजी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गयी है.
एयरपोर्ट, रेलवे-मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों पर भी संदिग्धों की निगरानी की जा रही है. पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत कर दिया है. संदिग्धों की पहचान के लिए 800 AI और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. दर्जन भर से ज्यादा जगहों पर कमांडो दस्ते ने सुरक्षा की कमान संभाल ली है. दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने राजधानी को पूरी तरह से किले में तब्दील कर दिया है.
किसी तरह की भूलचूक की कोई गुंजाइश नहीं रहे इसके लिए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सिक्योरिटी एक्सरसाइज चल रही है. नई दिल्ली, नॉर्थ और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में ही 4000 रूफ टॉप सुरक्षा को लेकर चिह्नित किए गए हैं.
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह के लिए दिल्ली पुलिस के 50 हजार जवानों के साथ 70 पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियां दिल्ली को किसी भी खतरे से महफूज रखने के लिए कमर कस चुकी हैं.
समारोह में आने वालों को सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से ‘स्पेशल वीकल चेक्ड स्टीकर’ दिए जाएंगे. FRS, हाई रेज़ॉल्यूशन और पीटीएस समेत करीब 5 हजार सीसीटीवी कैमरे परेड रूट और उसके आसपास सेट किए गए हैं. दिल्ली पुलिस और सिविक एजेंसियों ने परेड रूट पर पड़ने वाले सभी डार्क स्पॉट का सर्वे कर कमियों का निपटारा कर दिया है. जिनमें खराब स्ट्रीट लाइट, घने पड़ों की छंटाई, सीवर की छानबीन शामिल है.
खुफिया विभाग की ओर से दिए गए आतंकी हमले के इनपुट बहुत ही सीरियस हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकी भीड़ को बड़े वाहनों से कुचलकर नुकसान पहुंचा सकते हैं. हाल ही में जर्मनी में इस तरह का अटैक हुआ था जिसमे 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे और कुछ लोगों की मौत हुई थी. व्हीकल रेमिंग अटैक के अलर्ट के मद्देनजर दिल्ली पुलिस की तमाम यूनिट्स को सख्त निर्देश दिए गए हैं. इस बार 26 जनवरी को लेकर ड्रोन हमले को लेकर भी हमले का अलर्ट जारी किया गया है.
गणतंत्र दिवस समारोह और विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के लिए गृह मंत्री ने कड़ी निगरानी बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों और साइबर-विशेषज्ञ अधिकारियों की तैनाती को मंजूरी दी है.
साइबर एक्सपर्ट अधिकारियों की तैनाती के अलावा, दिल्ली में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की की जा रही है. इसके साथ ही भीड़-भाड़ इलाकों में सर्तकता बढ़ाई गई है. ड्रोन हमले को देखते हुए सभी सुरक्षा सुरक्षा एजेंसियों को एक प्लेटफार्म पर लाया गया है. दिल्ली पुलिस, एयरफोर्स, एनएसजी, आईबी, पैरा-मिलिट्री फोर्स और बीएसएफ को आपस में कोर्डिनेशन कायम की जा रही है. इसके लिए एक कमांड सेंटर बनाया गया है. अभी तक गणतंत्र दिवस की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस और एयरफोर्स होती थीं. मगर इस बार सभी एजेंसियों को एक साथ कोर्डिनेशन के लिए कहा गया है.
कमांड सेंटर में सभी एजेंसियों के एक-एक अधिकारी तैनात होंगे. ये अधिकारी अपनी एजेंसी अधिकारियों से कॉर्डिनेशन कायम करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने में जुटे हैं. एयरफोर्स ने एयर में निगरानी रखना शुरू कर दिया है. विमानों की आवाजाही कम कर दी है. 26 जनवरी को आसमान पर किसी की तरह के विमान की आवाजाही नहीं होगी.
दिल्ली पुलिस किसी भी आतंकी हमले से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. पूरी दिल्ली में जगह-जगह सुरक्षा बढ़ाने के अलावा बेरीकेड लगाकर चेकिंग की जा रही है. इसके अलावा दिल्ली पुलिस आए दिन मॉक ड्रिल की जा रही है. मॉक ड्रिल के दौरान आतंकी हमले होने व आतंकियों के इमारत में घुसने की कॉल दी जा रही है. 26 जनवरी पर आतंकी हमले की साजिश को देखते हुए राजधानी दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है.
दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर सुरक्षा इंतजाम को लेकर कई नियम लागू किए हैं. पैराग्लाइडर, पैरामोटर हैंग ग्लाइडर मानव रहित हवाई वाहन UAV और मानव रहित विमान प्रणाली UAS सहित सभी तरह की हवा में उड़ने वाली चीजों की उड़ान पर प्रतिबंध रहेगा. इसमें माइक्रो-लाइट विमान, गर्म हवा के गुब्बारे, छोटे आकार के विमान, क्वाडकाप्टर या यहां तक कि विमान से पैरा-जंपिंग शामिल हैं.
पिछले एक महीने से आने जाने और ठहरने वालों के नाम, पते की छानबीन की जा रही है. पुलिस टीम ने होटल्स में CCTV कैमरों की मूवमेंट, रिकॉर्डिंग, उनके रखरखाव, फुटेज का डाटा चेक किया है. इसके अलावा यहां ठहरने वालों का प्रॉपर डेटाबेस रजिस्टर की जांच की जा रही है. समारोह का सुरक्षा कवच कुछ इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि कोई परिंदा भी पर न मार सके. सिक्योरिटी को लेकर दिल्ली पुलिस, NSG, पैरामिलिट्री फोर्स, सुरक्षा एजेंसियों के बीच कोऑर्डिनेशन बना हुआ है.
पूरे समारोह की सुरक्षा के लिए नई दिल्ली जिले को 25 से ज्यादा जोन में बांटा गया है. हर एक जोन का सुपरविजन DCP या एडिशनल DCP स्तर के अफसर करेंगे. समारोह के लिए गुमशुदा बूथ, हेल्पडेस्क, मेडिकल कियोस्क और सुविधा बूथ स्थापित किए जा रहे हैं.
दर्शक दीर्घा में आने वाले लोगों के लिए सुरक्षा के मद्देनजर QR कोड सिस्टम रहेगा. कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड को देखने के लिए करीब 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है. इसमें सरपंचों, पैरा ओलिंपिक समेत देश के अलग-अलग क्षेत्र के 31 कैटेगरी के आमंत्रित अतिथि हैं. परेड में कम से कम 70,000 लोगों के आने की संभावना है.
दिल्ली और उसके आसपास आसमान की विशेष रडार सिस्टम से निगरानी रहेगी. चीफ गेस्ट, राष्ट्रपति और पीएम 7 लेयर सुरक्षा घेरे में रहेंगे. VVIP गलियारे में सुरक्षा के बड़े पैमाने पर इंतजाम किए जा रहे हैं. दिल्ली पुलिस की पब्लिक से भी अपील की गई है कि संदिग्ध शख्स या सामान की सूचना फौरन 112 नंबर या 1090 हेल्पलाइन नंबर पर दें.
राजधानी दिल्ली में आमतौर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं. इसके बावजूद गणतंत्र दिवस और दिल्ली विधानासभा चुनाव में किसी तरह की चूक न हो इसके लिए हजारों की तादाद में जवानों को तैनात किया गया है. खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा दृष्टि से रेलवे ने 26 जनवरी के आसपास पार्सल बुकिंग बंद की है. इसमें मुख्य तौर पर नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, सराय रोहिल्ला, आनंद विहार स्टेशन को आने वाली बाहर के राज्यों की पार्सल बुकिंग बंद कर दी गई है.
एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा में कहीं कोई गड़बड़ी न फैला सके इसके लिए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सिक्योरिटी एक्सरसाइज को फाइनल टच दिया गया है. दिल्ली पुलिस लगातार चौकसी बरत रही है. अफगानी या बांग्लादेशी पासपोर्ट से भारत में घुसे कुछ संदिग्धों पर भी पैनी नजर है.
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह के लिए दिल्ली पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियां दिल्ली को किसी भी खतरे से महफूज रखने के लिए कमर कस चुकी हैं. पुलिस अफसर ने बताया कि इंटेलिजेंस एजेंसियों की तरफ से दिए गए अलर्ट इनपुट को देखते हुए सुरक्षा घेरा पहले से ज्यादा कसा जा रहा है. शहर के प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है. इसके अलावा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह के अप्रत्याशित खतरे से निपटा जा सके.
-भारत एक्सप्रेस
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