BJP Hits Back on Saayoni Ghosh: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या आए, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के वो सुर जो कल तक चुनावी मंचों पर गूंज रहे थे, अब उनके लिए गले की फांस बन चुके हैं. चुनाव प्रचार के दौरान मुस्लिम वोट बैंक को रिझाने के लिए ‘काबा और मदीना’ का राग अलापने वाली टीएमसी सांसद और स्टार प्रचारक सायोनी घोष इस वक्त सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक बुरी तरह लपेटे में आ चुकी हैं.
चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद अब सायोनी घोष को उन्हीं के अंदाज में जवाब देने के लिए बीजेपी नेताओं और समर्थकों ने एक नया और बेहद मारक भजन वर्जन तैयार कर लिया है. सायोनी ने जिस बंगाली लोकगीत को चुनावी फायदे के लिए बदला था, अब उसी गाने पर “हृदय में राम, नयनों में कृष्ण” गाकर बीजेपी ने टीएमसी की तुष्टीकरण वाली राजनीति की धज्जियां उड़ा दी हैं.
इस पूरे विवाद की स्क्रिप्ट खुद सायोनी घोष ने चुनाव प्रचार के दौरान लिखी थी. जादवपुर की सांसद और पूर्व अभिनेत्री सायोनी घोष ने बंगाल से लेकर असम तक की चुनावी रैलियों में भीड़ को देखकर बंगाली संस्कृति के बेहद मशहूर लोकगीत “दे दे पाल तुले दे” की मूल पंक्तियों के साथ खिलवाड़ कर डाला था. उन्होंने मंच से माइक थामकर गाया था कि “अमर हृदय माझे काबा, नयने मदीना” यानी मेरे दिल में काबा और आंखों में मदीना है.
इस वीडियो के वायरल होते ही विपक्ष ने इसे टीएमसी की नंगी तुष्टीकरण की राजनीति का जीता-जागता सबूत बताया था. तब तो सत्ता के नशे में इस पर खूब तालियां पिटीं, लेकिन अब हार के बाद यही गाना सायोनी के लिए सबसे बड़ा सियासी जी का जंजाल बन चुका है.
जैसे ही चुनाव के नतीजे घोषित हुए और बंगाल की जनता ने टीएमसी को पटखनी दी, बीजेपी समर्थकों और कद्दावर नेताओं ने सायोनी घोष को ट्रोल करने का एक बेहद नायाब और संगीतमय तरीका ढूंढ निकाला. अब पूरे बंगाल में सायोनी के उस तुष्टीकरण वाले गाने के जवाब में “हृदय में राम, नयनों में कृष्ण” का संस्करण बड़ी तेजी से वायरल किया जा रहा है.
बीजेपी का यह संगीतमय पलटवार सायोनी घोष पर ऐसा तीखा व्यंग्य है, जिसका कोई जवाब टीएमसी खेमे को सूझ नहीं रहा है. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह केवल एक गाना नहीं है, बल्कि यह उन नेताओं के गाल पर करारा तमाचा है जो चुनाव आते ही कभी हनुमान चालीसा पढ़ने लगते हैं तो कभी मंच से काबा-मदीना की दुहाई देने लगते हैं.
इस घमासान (BJP Hits Back at Saayoni Ghosh) के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वह पुराना और कड़क बयान एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, जो उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान सायोनी घोष के इस विवादित गाने पर दिया था. सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए सायोनी और ममता बनर्जी की पार्टी को कड़े शब्दों में चेतावनी दी थी कि पश्चिम बंगाल सनातन संस्कृति, मां महाकाली और चैतन्य महाप्रभु की पावन भूमि है.
इस पवित्र धरती पर वोट बैंक के लिए लोकगीतों में इस तरह के मजहबी बदलाव और देवी-देवताओं की उपेक्षा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आज जब चुनाव नतीजों ने टीएमसी के घमंड को तोड़ा है, तो सीएम योगी का वह बयान और बीजेपी का यह नया काउंटर वर्जन सायोनी के घावों पर मिर्च छिड़कने का काम कर रहा है.
इस भयंकर और तंजिया घेराबंदी के बाद सायोनी घोष और पूरी तृणमूल कांग्रेस (TMC) बैकफुट पर आ गई है. अमूमन हर मुद्दे पर सोशल मीडिया पर तुरंत एक्स (X) हैंडल से कूदने वाली सायोनी घोष ने इस नए वायरल ट्रोल और ‘राम-कृष्ण’ वाले वर्जन पर पूरी तरह से रहस्यमयी चुप्पी साध ली है. टीएमसी का कोई भी बड़ा प्रवक्ता इस पर आधिकारिक सफाई देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है.
इस पूरी घटना ने बंगाल की राजनीति में धार्मिक ध्रुवीकरण और चुनावी गिरगिटपंती की पोल खोलकर रख दी है. जनता ने साफ संदेश दे दिया है कि बहुसंख्यक समाज अब तुष्टीकरण के इस तरह के भद्दे और सांस्कृतिक खिलवाड़ को बर्दाश्त करने के मूड में बिल्कुल नहीं है और चुनावी मेंढकों को उनकी सही जगह दिखाना अच्छे से जानता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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