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‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम में एक मंच पर आए देश-दुनिया के दिग्गज, पीएम मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन पर चर्चा

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बुधवार शाम आयोजित ‘सेवा संकल्प – राष्ट्रनिर्माण के 25 साल’ कार्यक्रम में देश की सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और खेल जगत की कई प्रमुख हस्तियां एक मंच पर नजर आईं. कार्यक्रम का केंद्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन यात्रा के 25 वर्षों को याद करना और देश के अगले 25 वर्षों के लिए नए संकल्प की भावना को सामने रखना रहा.

राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक कुमार मित्तल की ओर से आयोजित इस समारोह में जनप्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग धर्मों के संत-महात्मा, युवा, सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोग और खेल जगत के खिलाड़ी शामिल हुए. पूरे कार्यक्रम में सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी, सद्भाव और राष्ट्रनिर्माण जैसे विषय प्रमुखता से उभरकर सामने आए.

कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक, लोकसभा सदस्य जगदंबिका पाल, शाहदरा से दिल्ली विधानसभा सदस्य संजय गोयल, भाजपा के राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक दीपक म्हास्के और QS India के चेयर तथा Strategic and International Engagement के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. अश्विन फर्नांडिस समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे.

एक मंच पर कई धर्मों की आवाज

शाम के कार्यक्रम का एक खास पहलू यह रहा कि अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के प्रतिनिधियों ने एक साथ मंच साझा किया. सर्वधर्म प्रार्थना, सेवा और सार्वजनिक जिम्मेदारी पर चर्चा, डॉक्यूमेंट्री और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भारत की विविधता को सामने रखा गया.

कार्यक्रम में दिल्ली पारसी अंजुमन के ट्रस्टी मरज़बान नरिमान ज़ैवाला, आचार्य विवेक मुनि महाराज, ज्ञानी दिलबाग सिंह, स्वामी राजेश्वरा नंद, गोस्वामी सुशील महाराज, साहिबज़ादा जिया निज़ामी, भंते दीपांकर सुमेधो और Baha’i Office of Public Affairs की निदेशक कार्मेल त्रिपाठी समेत विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए.

इनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम के उस संदेश को मजबूती दी कि अलग-अलग आस्थाओं के बावजूद सेवा, करुणा, सद्भाव और देश के प्रति जिम्मेदारी ऐसे मूल्य हैं, जो लोगों को एक साथ जोड़ सकते हैं.

समारोह में कई देशों के राजनयिक प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. निकारागुआ, चाड, बुरुंडी, लाइबेरिया, मेडागास्कर, जॉर्डन, रूस, कैमरून, बोत्सवाना, लेसोथो, वेनेजुएला, अंगोला, बुर्किना फासो, नाइजर और इज़राइल सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने कार्यक्रम में भाग लिया.

एशियाई खेलों के चैंपियनों का सम्मान

कार्यक्रम में खेल जगत के लिए भी खास पल रहा. 2026 एशियाई खेलों में भारत का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया. डॉ. अशोक कुमार मित्तल और अन्य वरिष्ठ अतिथियों ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनकी मेहनत, अनुशासन तथा उपलब्धियों को सराहा.

सम्मान पाने वाले खिलाड़ियों में नीरू धांडा, अमन सहरावत, अंतिम पंघाल, सुजीत कलकल, कमलजीत, नितेश सिवाच, पूजा सिंह, किरण पहल, सतनाम सिंह, मनीषा कीर, हिमांशु ढिल्लों, साक्षी राणा और सलमान खान शामिल रहे. इन खिलाड़ियों ने शूटिंग, कुश्ती, एथलेटिक्स, रोइंग और हॉकी जैसे अलग-अलग खेलों में देश के लिए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है.

‘अगले 25 वर्षों’ का संकल्प

समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि यह आयोजन केवल किसी एक व्यक्ति की यात्रा को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि जनसेवा के 25 वर्षों को देखने और आने वाले वर्षों के लिए दिशा तय करने का भी मौका है.

उन्होंने कहा कि गुजरात से दिल्ली तक नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक यात्रा जन जिम्मेदारी, विश्वास और सेवा से जुड़ी रही है. उनके मुताबिक, पिछले 25 वर्ष उपलब्धियों और अनुभवों को याद करने का अवसर देते हैं, लेकिन अब नजरें अगले 25 वर्षों पर होनी चाहिए. उन्होंने इंडिया गेट से विकसित, मजबूत और वैश्विक नेतृत्व की क्षमता रखने वाले भारत के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प की बात कही.

युवाओं ने ली सेवा संकल्प की शपथ

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 25 वर्षों को समर्पित एक गीत भी लॉन्च किया गया. इसके बाद युवाओं के नेतृत्व में ‘सेवा संकल्प’ की शपथ दिलाई गई. सात चयनित युवा प्रतिभागियों ने इस शपथ का नेतृत्व किया.

इस पहल के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि देश के भविष्य की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार या संस्थाओं की नहीं, बल्कि युवाओं की भी है. सेवा, जिम्मेदारी और राष्ट्रनिर्माण की भावना को आगे बढ़ाने में नई पीढ़ी की भूमिका अहम होगी.

कार्यक्रम का अंतिम हिस्सा ‘Sounds of Seva’ के नाम रहा. लाइव संगीत प्रस्तुति के जरिए भारत की अलग-अलग सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं की झलक पेश की गई. संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच समारोह का समापन एकता और सामूहिक उत्सव के संदेश के साथ हुआ.

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-भारत एक्सप्रेस

विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार

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