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दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ उठाए गए सख्त कदम: सभी गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर लगा प्रतिबंध

दिल्ली में विकराल होते वायु प्रदूषण (Delhi Pollution) पर दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली सरकार ने AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) के ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं. सरकार ने सभी गैर-जरूरी निर्माण और तोड़-फोड़ गतिविधियों (Demolition Drives) पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

इन वाहनों को अनुमति नहीं

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार सुबह 8 बजे से प्रदूषण को रोकने के लिए GRAP-3 नियम लागू करने का निर्णय लिया. GRAP-3 के प्रभावी होने के दौरान पुराने उत्सर्जन मानदंड BS-III के पेट्रोल वाहन और BS-IV श्रेणी के डीजल वाहन दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कुछ हिस्सों जैसे गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गौतमबुद्ध नगर की सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं है.

हालांकि, निर्माण कार्य पर प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कुछ सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के काम के लिए आवश्यक परियोजनाओं पर लागू नहीं होता है.

डीजल जनरेटर केवल इमरजेंसी में

ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-3) के तीसरे चरण में धूल को दबाने के लिए अधिक मशीनीकृत सड़क-सफाई और पानी-छिड़काव मशीनों को तैनात करना भी शामिल है. डीजल जनरेटर सेट केवल आपातकालीन उपयोग के लिए प्रतिबंधित रहेंगे.

मंत्री ने कहा था GRAP-3 लागू नहीं करेंगे

कुछ दिनों पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि GRAP-3 को लागू नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, “पिछले दो दिनों से, इस मौसम में पहली बार, दिल्ली में AQI 400 से ऊपर चला गया है. कई लोगों के मन में सवाल है कि 14 अक्टूबर से ‘खराब’ या ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहने वाला AQI अचानक ‘गंभीर’ श्रेणी में कैसे चला गया.”

मंत्री गोपाल राय ने कहा, “मौसम विज्ञानियों ने बताया है कि पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण दिल्ली के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. इसके कारण पूरे उत्तर भारत में सुबह और शाम को शुष्क स्थिति बनी हुई है.” आज सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 428 के साथ ‘गंभीर’ श्रेणी में था.

देश में सबसे खराब AQI

बुधवार को दिल्ली ने देश में सबसे खराब AQI दर्ज किया, जिसमें इस मौसम में पहली बार वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ हो गई. डॉक्टरों ने लोगों को यथासंभव घर के अंदर रहने की चेतावनी दी है. गंभीर वायु प्रदूषण का प्रभाव केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि संज्ञानात्मक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है, जो मूड को प्रभावित करता है.

-भारत एक्सप्रेस

Md Shadan Ayaz

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